कुढ़नी में 2020 के मुकाबले 5 गुना बढ़ा जीत का अंतर, जीती हुई बाजी कैसे हारा महागठबंधन?

खबरें बिहार की जानकारी

कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में कांटे की टक्कर के बाद भाजपा ने आखिरकार जीत दर्ज कर ली है। भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता ने महागठबंधन समर्थित जदयू उम्मीदवार को 3632 मतों से पराजित किया। भाजपा उम्मीदवार को जहां कुल 76648 तो जदयू प्रत्याशी को 73016 वोट मिले। कुढ़नी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए जीत इतनी आसान नहीं थी। महागठबंधन ने अपने हाथों से जीती हुई बाजी को बड़ी आसानी से गंवा दिया। कुढ़नी से तीन बार जदयू के विधायक रहे मनोज कुमार सिंह की हार को लेकर अब कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

 

जनता ने वादा के बाद भी नहीं दिया महागठबंधन का साथ

कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार के लिए गए थे, तो उन्होंने जनता से पूछा था कि किडनी ऑपरेशन के बाद पिता लालू प्रसाद नतीजे के बारे में पूछेंगे, तो क्या जवाब देंगे। इसपर सभा में बैठी जनता ने उप मुख्यमंत्री को भरोसा दिया था कि सब ठीक होगा। मगर, जिस तरह से तकरीबन हर राउंड कि गिनती में महागठबंधन उम्मीदवार भाजपा से पिछड़ते नजर आए, उससे साफ है कि नीतीश कुमार की अस्थिरता ने कहीं न कहीं जनता के मन मे भी नकारात्मक प्रभाव डाला है।

नीतीश की सभा में जनता ने दिए थे संकेत

कुढ़नी की जनता ने महागठबंधन को नतीजे से पहले ही हार के संकेत दे दिए थे। नीतीश कुमार की सभा के हो-हंगामें को पार्टी ने नजरअंदाज किया, जिसका परिणाम आज हार के रुप में सामने आया है। उल्लेखनीय है कि कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव को लेकर जदयू उम्मीदवार मनोज कुशवाहा के समर्थन में वह केरमा हाईस्कूल के खेल मैदान में शुक्रवार को जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

2020 के मुकाबले 5 गुना बढ़ा जीत का अंतर

साल 2020 के विधानसभा चुनाव में कुढ़नी सीट पर राजद उम्मीदवार डा. अनिल सहनी की जीत हुई थी। मगर भ्रष्टाचार के आरोप में राजद के डा. अनिल सहनी की विधायकी जाने के बाद उपचुनाव की नौबत आ गई। ऐसे में सत्तारूढ़ महागठबंधन के सामने इस सीट को बचाने की चुनौती थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता महज 712 मतों से कुढ़नी में चुनाव हार गए थे। अपनी उस हार का बदला उपचुनाव में बखूबी लिया और पांच गुना वोटों के अंतर से जदयू प्रत्याशी मनोज कुशवाहा को 3632 मतों से हराया।

कुढ़नी सीट के साथ प्रतिष्ठा भी गंवाई

कुढ़नी उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी की हार राजद के लिए चिंता का विषय है। बहुत भरोसे के साथ तेजस्वी यादव ने अपनी विनिंग सीट जदयू प्रत्याशी को सौंपी थी। जदयू के लिए भी कुढ़नी प्रतिष्ठा की सीट बन गई थी। यही वजह है कि जदयू के तमाम शीर्ष नेताओं ने कुढ़नी में जीत के लिए दिन रात मेहनत की। ऐसे में जीती हुई बाजी हार जाना महागठबंधन के लिए कई प्रश्न खड़ा करता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.