कोसी नदी के तेज बहाव में बह गया निर्माणाधीन फोरलेन पुल का पाया

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नेपाल और सीमांचल में बारिश से बिहार में कोसी नदी उफान पर है। भागलपुर जिले के बिहपुर में शनिवार को कोसी नदी पर निर्माणाधीन पुल का पाया बह गया। कोसी नदी पर 6.94 किलोमीटर लंबा फोरलेन पुल बन रहा है, जिसे मुंबई की एफकॉन कंपनी बना रही है। पाया बहने से कंपनी को करीब 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

बहुप्रतीक्षित एनएच 106 मिसिंग लिंक (30 किलोमीटर ) बिहपुर से फूलोत तक कोसी नदी पर बन रहे पुल का एक पाया हरिओ के त्रीमुहान घाट के समीप शनिवार की दोपहर करीब दो बजे कोसी नदी के तेज बहाव में बह गया। एफकॉन के प्रोजेक्ट मैनेजर बीके झा, डीजीएम अरविंद कुमार, सीनियर मैनेजर तकनीक शैलेश तिवारी और एजीएम रणजीत कुमार ने बताया कि पाया 1400 टन वजनी था और उसका व्यास 8.50 मीटर था।

कोसी की मुख्य धारा में चार पाया 121, 122, 123 और 124 हैं। तीन पाया का काम पूरा हो चुका है। लेकिन 124 नंबर पाया के नीचे कंक्रीट आ जाने के कारण उसका काम नहीं पूरा हो पाया। वहीं, एक जून को गोताखोर को बुलाकर जब दिखाया गया तो पता चला कि कुएं के नीचे बंडल में बिजली का पोल था। कोसी के पानी का बहाव तेज होने के कारण कुएं के नीचे से मिट्टी खिसक गई और ये कुआं (पाया ) बह गया। पुल का निर्माण एवं सड़क कुल मिलाकर 996 करोड़ की लागत से हो रहा है। इसमें 41 पुलिया, माइनरब्रिज का निर्माण हो रहा है। पुल निर्माण का कार्य इसी वर्ष 7 मार्च से शुरू हुआ था। निर्माण कार्य 6 जून 2024 को पूरा होना है।

प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि कोसी नदी पर मेजर ब्रिज ओवर कोसी रिवर सात किमी लंबा बनाया जा रहा है। पुल निर्माण पर करीब 828 करोड़ रुपये खर्च होगा। जो पाया कोसी में बह गया है। उसकी जगह दूसरा पाया बनाया जाएगा।

उफान पर कोसी नदी

10 जून से कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई और 12 जून से नदी में पानी का बहाव तेज हुआ। पिछले 14 घंटे में 10 लाख 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पाया बहने का यह मुख्य कारण है। 18 जून को नदी का जलस्तर करीब 2 मीटर बढ़ गया। कोसी के पानी का बहाव 1.9 मीटर /सेकेंड का है। इस कारण निर्माणाधीन पाया कोसी में समा गया।

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