प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने कार्यक्रम मन की बात के 62वां संस्करण में 105 साल की भागीरथी अम्मा का जिक्र किया। केरल के कोल्लम की 105 साल की महिला भगीरथी अम्मा ने चौथी कक्षा की परीक्षा 74.5 फीसद अंक के साथ परीक्षा पास की। पिछले साल नवंबर में दी परीक्षा, केरल के राज्य साक्षरता मिशन की सबसे कम्र उम्र की लर्नर बनीं।

मन की बात कार्यक्रम में भागीरथी अम्मा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम जीवन में प्रगति करना चाहते हैं, विकास करना चाहते हैं और कुछ कर गुजरना चाहते हैं तो पहली शर्त यही होती है, कि हमारे भीतर का विद्यार्थी कभी मरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी 105 वर्ष की भागीरथी अम्मा हमें यही प्रेरणा देती है। 10 साल से कम उम्र में उन्हें अपना स्कूल छोड़ना पड़ा था। 105 साल की उम्र में उन्होंने फिर पढाई शुरू की। इतनी उम्र होने के बावजूद उन्होंने लेवल-4 की परीक्षा दी और 75 फीसद अंक प्राप्त किए।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में राज्य साक्षरता अभियान द्वारा कोल्लम में आयोजित परीक्षा में शामिल हुई थीं। जिसमें उन्होंने ने कुल 275 अंकों में से 205 अंक हासिल किए थे। इस परीक्षा में कुल 11 हजार 593 विद्यार्थियों ने भाग लिया था, जिसमें से 10 हजार 12 छात्र सफल हुए थे। इनमें 9456 महिलाएं थीं। उन्हें

भाई-बहनों की देखरेख के लिए छोड़ी पढ़ाई

भगीरथी अम्मा पर मां की मौत के बाद भाई-बहनों की देखरेख की जिम्मेदारी आ गई थी। इस वजह से पढ़ाई का सपना बीच में ही छोड़ना पड़ा था। इन सभी चीजों से जब वह उबरीं तब तक 30 साल की उम्र में उनके पति की मौत हो गई और फिर छह बच्चों की जिम्मेदारी उन पर आ गई। 

भागीरथी अम्मा के छह बच्चे, 15 नाती-पोते-परपोते

बता दें कि भागीरथी अम्मा के छह बच्चों में से एक की मौत हो चुकी है। उनके 15 नाती-पोते थे। इनमें तीन की मौत हो चुकी है। अभी उनके 12 नाती-पोते-परपोते हैं। भागीरथी अम्मा का अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है। इसके कारण न तो वृद्धा पेंशन मिलती है, न ही विधवा पेंशन, लेकिन, उन्हें उम्मीद है कि अधिकारी उन्हें आधार कार्ड उपलब्ध करवा देंगे और इसके बाद पेंशन मिलने लगेगी।

Sources:-Dainik Jagran

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here