जानिए, 135 KM लंबे छह लेन के एक्सप्रेस-वे की खूबियां: घंटों की दूरी मिनटों में होगी तय

राष्ट्रीय खबरें

पटना: उत्तर प्रदेश-हरियाणा की राह आसान करने करने वाले 135 किलोमीटर लंबे छह लेने के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागमन जल्द शुरू होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक जून तक इसे जनता के लिए खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद घंटों की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी। दिल्ली का जाम परेशानी का सबब नहीं बनेगा और लोग निर्बाध रूप से गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रगति का नया द्वार खोलेगा।

गौतमबुद्ध नगर में 41 किमी लंबा है एक्सप्रेस-वे

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे की लंबाई किमी है। यह यूपी के बागपत, गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर तथा हरियाणा के सोनीपत व पलवल जिलों से होकर गुजर रहा है। गौतमबुद्ध नगर में इसकी लंबाई किमी है। अट्टा फतेहपुर से शुरू होकर यह कचेड़ा पर समाप्त होगा। इसके आगे एक्सप्रेस-वे गाजियाबाद में प्रवेश कर जाएगा।

जिले में दो जगह से एक्सप्रेस-वे पर चढ़-उतर सकेंगे वाहन

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने व उतरने के लिए दो स्थान निर्धारित किए गए हैं। वाहन सिरसा व बील अकबरपुर गांव के समीप से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ व उतर सकेंगे। इसके लिए दोनों प्वाइंट पर रैंप बनाए गए हैं।

120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी गाड़ियां

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है। यह किसी भी राजमार्ग व एक्सप्रेस-वे पर अब तक की सबसे अधिक गति सीमा है। कुंडली से पलवल तक करीब सवा घंटे में दूरी तय हो जाएगी। ग्रेटर नोएडा से बिना दिल्ली में प्रवेश किए सोनीपत, बागपत, गाजियाबाद व पलवल पहुंच सकेंगे। ग्रेटर नोएडा से इन शहरों की दूरी अधिकतम आधा घंटे में तय हो जाएगी। मेरठ, फरीदाबाद, हरिद्वार, गुड़गांव समेत अन्य शहरों को जाने वाले लोगों के समय व ईंधन की काफी बचत होगी। हालांकि, अभी टोल दरें तय होना बाकी हैं।

गौतमबुद्ध नगर में चार जगह पर होंगे मिनी नेस्ट

गौतमबुद्ध नगर में पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर सिरसा व औरंगपुर में दो-दो मिनी नेस्ट खुलेंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। एक्सप्रेस-वे के यात्रियों को यहां चाय, शीतल पेय व नाश्ते की सुविधा मिलेगी। दोनों प्वाइंट पर तीन फ्यूल स्टेशन की सुविधा भी दी गई है। नाइट्रोजन गैस भरने की सुविधा भी दी गई है।

एडवांस ट्रैफिक मैनजमेंट सिस्टम होगा लागू

एक्सप्रेस-वे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा। जापान की कंपनी को यह कार्य सौंपा गया है। हालांकि इसके लागू होने में करीब एक साल का समय लगेगा। तब तक पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम राजमार्ग या यमुना एक्सप्रेस-वे की तरह कार्य करेगा।

रोशनी से जगमग होगा, लगेगा सौर ऊर्जा प्लांट

एक्सप्रेस-वे पर रोशनी की भरपूर व्यवस्था होगी। हर 60 मीटर पर रोशनी के लिए एलईडी लाइट का खंभा होगा। एक्सप्रेस-वे पर एलईडी लगाने का कार्य चल रहा है। कुछ हिस्से में लाइट लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। एलईडी को सौर ऊर्जा से जगमगाया जाएगा। एक्सप्रेस-वे किनारे 4000 केवी का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जाएगा।

एग्जिट प्वाइंट पर देना होगा टोल टैक्स

वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश के दौरान पर्ची दी जाएगी। एग्जिट करते समय उनसे टोल लिया जाएगा। इससे वाहनों को प्रवेश व एग्जिट प्वाइंट पर अधिक समय तक नहीं रुकना होगा। दोनों प्वाइंट पर जाम की स्थिति पैदा नहीं होगी।

छह राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेस-वे को क्रास करेंगे

सोनीपत के कुंडली से शुरू होकर पलवल तक 135 किमी लंबा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग एक, दो, 52, 58, 91 व यमुना एक्सप्रेस-वे को क्रास कर रहे हैं। जगनपुर अफजलपुर के समीप यमुना एक्सप्रेस-वे पर फ्लाईओवर बनाया गया है। यमुना एक्सप्रेस-वे को अभी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से नहीं जोड़ा गया है। हालांकि, इंटरचेंज बनाकर दोनों एक्सप्रेस-वे को भविष्य में जोड़ने की योजना है। इससे आगरा तक का सफर और सुविधाजनक हो जाएगा।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लाइट के अलावा एक्सप्रेस-वे पर छह एंबुलेंस, छह क्रेन व छह मोबाइल वैन तैनात रहेंगी। मोबाइल वैन की संख्या बढ़ाने के लिए एनएचएआइ प्रदेश सरकार से सहयोग लेगी। एक्सप्रेस-वे पर मेटल क्रश बैरियर लगाए गए हैं। नींद की वजह से होने वाले हादसों को रोकने के लिए हर पांच किमी पर स्ट्रिप सेंसर लगाए गए हैं। मौसम व कोहरे की जानकारी देने की सुविधा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.