ग्रामीणों तक COVID-19 की जानकारी पहुंचाने में मददगार बना किसान रेडियो

COVID19 Special

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बेहद जरूरी है कि लोगों को इस महामारी को लेकर जागरूक किया जाए. शहरी इलाकों में सोशल मीडिया, अखबार, टेलीवीजन के जरिए इस महामारी से बचाव के बारे में पर्याप्‍त जानकारी हासिल कर रहे हैं. लेकिन, ग्रामीण इलाकों की बात करें तो उनके पास संचार के ऐसे साधन नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों तक कोरोना वायरस के संक्रमण से जुड़ी जानकारियों को पहुंचाया जा सके. उन्‍हें यह बताया जा सके कि उन्‍हें इस महामारी से बचने के लिए किन-किन बातों का ख्‍याल रखना है और लॉक डाउन जैसी स्थिति में जरुरत की चीजों को कहां से और कैसे हासिल किया जाए.


सरकार की इस समस्‍या को सुलझाने में बिहार कृषि विश्वविद्यालय का सामुदायिक रेडियो एफएम ग्रीन बड़ी भूमिका अदा कर रहा है. भागलपुर और पटना बाढ़ के बाद शुरू किए गए इस रेडियो प्रसारण के जरिए अब तक खेती किसानी से जुड़ी जानकारियां दी जाती है. अब, इस सामुदायिक रेडिया का इस्‍तेमाल कोरोना नामक महामारी से जुड़ी जानकारियों के साथ मनोरंजन के लिए भी किया जा रहा है. मौके की नजाकत को ध्‍यान रखते हुए रेडियो एफएम ग्रीन के प्रसारण के समय में भी इजाफा किया गया है. इजाफा किए गए समय में लोगों की मनोरंजन से जुड़े कंटेंट का प्रसारण किया जा रहा है. इतना ही नहीं, इस प्‍लेटफार्म का इस्‍तेमाल लोकगीत एवं संगीत के लिए भी किया जा रहा है.


स्‍थानीय सूचना हासिल करने का बना सबसे बेहतर साधन
विश्‍वविद्यालय के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, मौजूदा संकट काल को देखते हुए प्रसारण की अवधि को 3 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है. सुबह 10 से रात 10 बजे तक विभिन्‍न कार्यकमों का स्‍टेशन से प्रसारण किया जा रहा है. वहीं, कोरोना संक्रमण को देखते हुए किसानों को यह बताया जा रहा है कि वे किस तरह वायरस से अपना बचाव करते हुए कृषि आधारित कार्य कर सकते हैं. इसके अलावा, टीवी के जरिए लोगों को देश दुनिया की जानकारी आसानी से मिल जाती है, लेकिन स्‍थानीय खबरें उन तक नहीं पहुंच पाती है. उन्‍होंने बताया कि इस प्रसारण के जरिए ग्रामीणों को स्‍थानीय गतिविधयों के बारे में जानकारी दी जाती है.

Sources:-News18

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