लेफ्टिनेंट किरण शेखावत। ये नाम है राजस्थान की बहादुर बेटी का । हरियाणा की जाबांज बहू का और पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर देने वाली महिला अफसर का। 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे ने हमसे ले. किरण शेखावत को भी छीन लिया था। किरण शेखावात देश में ऑन ड्यूटी शहीद होने वाली पहली महिला अधिकारी थीं।

शहीद किरण के पिता विजेन्द्र सिंह शेखावत को भी अपने बेटी पर गर्व है। अंतिम संस्कार के मौके पर लेफ्टिनेंट किरण शेखावत के माता-पिता, सास ससुर, उनके पति विवेक ने उन्‍हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। पूरा गांव उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुंचा था। किरण शेखावत 27 साल की उम्र में शहीद हुईं। किरण का जन्म 1988 में गांव सेफरागुवार हुआ। किरण ने शहादत से पांच साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुई थी। किरण की शादी हरियाणा के मेवात के कुथरला गांव विवेक सिंह छोकर से हुई।

राजस्थान पत्रिका के अनुसार करण की जेठानी राजश्री कोस्टगार्ड की पहली महिला पायलट हैं। 24 मार्च 2015 को डॉर्नियर विमान हादसे का शिकार हो गया था। विमान में ऑवजर्वर अधिकारी किरण शेखावत भी शहीद हो गई।दो दिन बाद 26 मार्च को उनका श’व ढूंढा जा सका।किरण को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग उमड़े।अंतिम संस्कार उस जगह किया गया, जहां किरण व विवेक की शादी हुई थी।उनकी चिता को मुखाग्रि किरण के पति विवेक सिंह छोकर ने दी। बहादुर बेटी किरण शेखावत पर पूरे देश को गर्व है। वर्ष 2015 में किरण ने गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर नौसना की महिला टुकड़ी का नेतृत्व कर पूरे राजस्थान का नाम देश में रोशन किया था।

Sources:-Live News

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