किन लोगों को ज़्यादा होता है हीट स्ट्रोक का ख़तरा, बचने के लिए क्या करें?

जानकारी

आपने कई बार सुना होगा कि सर्दी का मौसम दिल के मरीज़ों के लिए बुरा साबित होता है, क्योंकि इस मौसम में सबसे ज़्यादा दिल से जुड़ी दिक्कतें देखने को मिलती हैं। हालांकि, सिर्फ कड़ाके की ठंड ही नहीं बल्कि ज़्यादा गर्मी भी दिल के दौरे के ख़तरे को बढ़ा देती है। वास्तव में एक स्टडी के मुताबिक, मौसम में अचानक बदलाव से दिल के दौरे का जोखिम बढ़ जाता है।

हीट स्ट्रोक कैसे आता है?

इस साल गर्मी का मौसम कुछ ज़्यादा जल्दी आ गया है। सिर्फ इतना ही नहीं गर्मी पारा तेज़ी से चढ़ भी रहा है। अचानक आई यह चिलचिलाती गर्मी दिल के मरीज़ों की दिक्कतें बढ़ा सकती है। दिल की बीमारी वाले लोगों को हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है, जो एक और गंभीर स्थिति है। गर्मी के मौसम में हमारे शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जब हम गर्म तापमान वाले इलाके में चले जाते हैं। आपकी दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं और रक्त को पंप करने के लिए कड़ी मेहनत करता है, ताकि आपकी त्वचा की सतह पर पसीना आए जिससे शरीर को ठंडक पहुंचे। अगर आपका शरीर ख़ुद से ठंडा नहीं हो पाता है, तो सारा दबाव दिल और दूसरे अंगोंपर पड़ता है, जिससे उन्हें क्षति पहुंचती है-एक संभावित घातक स्थिति जिसे हीट स्ट्रोक के रूप में जाना जाता है।

किसे हीट स्ट्रोक का ख़तरा ज़्यादा?

वैसे तो कोई भी हीट स्ट्रोक से जूझ सकता है, लेकिन जो लोग दिल के मरीज़ है या फिर जिनमें दूसरे कार्डियोवेस्कुलर बीमारियों का ख़तरा ज़्यादा होता है, उनमें हीट स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ जाता है।

दिल के मरीज़ों के लिए पसीना आना कैसे ख़तरनाक साबित होता है?

जब गर्मी ज़्यादा पड़ती है, तो हम सभी को पसीना आता है, जो शरीर की गर्मी के खिलाफ स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है। लेकिन दिल की मरीज़ों के लिए यही चीज़ जोखिम भरी साबित हो सकती है। पसीना आने से न सिर्फ शरीर से पानी कम होता है, बल्कि ज़रूरी खनीज भी बाहर निकल जाते हैं, जिससे दिल पर ज़्यादा दबाव पड़ता है।

हीट स्ट्रोक से कैसे बचें?

1. ज़्यादा पानी पिएं

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि दिल के मरीज़ों को उनके डॉक्टर ने जो दवाएं बताई हैं, उन्हें उन दवाइयों को लेना जारी रखना चाहिए। साथ ही ज़्यादा से ज़्यादा पानी भी पीना चाहिए।

2. दिन में बाहर न निकलें

गर्मी का पारा 12 से शाम के 4 बजे तक काफी चढ़ा रहता है, इसलिए कोशिश करें कि इस समय घर या ऑफिस के अंदर ही रहें। घर से बाहर निकलते वक्त पानी की बोतल साथ में ज़रूर रखें। साथ ही धूप से बचने के लिए छाता, शेड्स आदि भी रखें।

3. एक्सरसाइज़ ज़रूर करें

दिल के मरीज़ों को हल्का वर्कआउट करने की सलाह दी जाती है, जो जल्दी सुबह करना चाहिए या फिर शाम को जिस वक्त तापमान थोड़ा ठंडा होता है। अगर पसीना ज़्यादा आने लगता है, दिल की धड़ने बढ़ जाती है, या फिर सीने में दर्द जैसी दिक्कत शुरू हो जाती है ,तो बिन देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

4. रेगुलर चेकअप कराते रहें

चाहे मौसम कैसा भी हो दिल के मरीज़ों को हमेशा रेगुलर चेकअप कराते रहना चाहिए। इससे आप अपना ख़्याल बेहतर तरीके से रख पाएंगे और साथ ही गंभी स्थिति से बचे रहेंगे।

 

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