खगौल की वागीशा ने सारेगामापा एवं रंग पुरवईया में अपने टैलेंट से जीता सबका दिल

मनोरंजन

मुंबई में आजोजित “ सारे गा मा पा एवं रंग पुरवईया ” चर्चित भोजपुरी गायन प्रतियोगिता में खगौल (पटना) की स्वर कोकिला वागीशा ने अपना स्थान बना कर खगौल का ही नहीं राज्य का नाम रौशन किया है।

इस प्रतियोगियता की निर्णायक मालिनी अवस्थी ने अपने कॉमेंट में कहा कि फिल्म अभिनेत्री रेखा की डांस और अदा का जवाब नहीं ही, इसी अंदाज में तुम ने अपनी गायकी और अभिनय का परिचय देकर कमाल कर दिया।

वागीशा पिछले 6 सितम्बर को बिग गंगा चैनल पर जारी सा रे गा मा एवं रंग पुरवईया भोजपुरी के मेगा शो में अपना स्थान बनाने के बाद तीसरे राउंड तक पहुँचने में कामयाब रही। तीसरे राउंड में उस ने भोजपुरी गायक पवन सिंह के गाने ‘ आवे निंदिया…प्रस्तुत कर सबों का दिल जीतने में कामयाब रही।

वागीशा ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान सा रे गा मा के सेट पर जब इस के प्रतियोगियों के साथ सबों का दिल जीतने वाले छोटे भगवान जैश से मिला तो मेरे ख़ुशी का ठिकाना नहीं था, इस से मेरा हौंसला भी बढ़ा है। गाड़ीखाना,खगौल निवासी एवं बिजली विभाग से सेवानिवृत संगीतप्रेमी एवं गायक-गायिका पिता जयमुकुंद झा और माँ नीतू देवी के सानिध्य में यह मुकाम उसे हासिल हुआ है।

जब वह 5 साल की थी,उसी समय से पिता जब गाने का अभ्यास करने के लिए बैठते थे तो,उसी के साथ बैठक कर स्वर से स्वर मिलाती थी और हारमोनियम पर छोटी उँगलियों को नाचती रहती थी।

घर के माहौल में शुरू हुआ गाने की अभिरुचि प्राईमरी स्कूल डीएवी, खगौल और जेडी वोमेन्स कॉलेज में विभिन्न प्रतियोगिताओं में मैडल जितने के बाद सरकारी और रेल के कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में शामिल होने लगी।

इस से पहले उस ने पीटीएन के स्वर झंकार कार्यक्रम,बिहार युवा महोत्सव के अलावा पुरी, कटक,मुंबई सहित कई राज्यों के महोत्सव और प्रतियोगिताओं में शामिल हो कर पुरस्कार अर्जित करने के साथ दर्शकों का दिल जीतने में कामयाबी हासिल की है। आगे भी चाहती है कि पढाई और शादी के बाद भी यह सिलसिला टूटे नहीं।

इस काम में बेटी को उस के सपनों के मुकाम तक पहुँचाने में अभिभावक श्री झा एक दोस्त के रूप में हर पल साथ रह कर आगे बढ़ाने और मंजिल तक पहुचाने में लगे हुए है। अपनी एकलौती बेटी को बचपन से ही गायन में अभिरुचि देख कर , उसे दानापुर के संजीत कुमार और मौर्य विहार,खगौल के शशी तिवारी से संगीत गुरु से शास्त्री संगीत की शिक्षा दिलाई।

वागीशा का कहना है कि गुरु के साथ–साथ खगौल में ही संगीत से जुड़े सुरेश,देव,उदय,बबलू,बिन्नू एवं रवि सर आदि ने मुझे इस मुकाम तक पहुँचाने में जो सहयोग किये उसे भूल नहीं सकुंगी। वागीशा प्रयाग संगीत विश्व विद्यालय से प्रभाकर और जेडी वीमेन कॉलेज, पटना से कॉमर्स और संगीत में एमए करने के बाद भी शिक्षा और संगीत से जुड़ी रह कर गायकी और अभिनय के क्षेत्र में कामयाबी हासिल करना चाहती है।

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