केरल आपदा: राहत कार्यों के लिए सोमवार से शुरू होगा कोच्चि नौसैनिक हवाई पट्टी का प्रयोग

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केरल में भीषण बाढ़ के चलते केंद्र ने सोमवार तक वाणिज्यिक विमान द्वारा उपयोग के लिए कोच्चि नौसेना हवाई पट्टी खोलने और पांच और हेलिकॉप्टर तैनात करने का शनिवार को फैसला किया. इसके साथ ही राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल किए जाने वाले विमानों की कुल संख्या 96 हो गई. देश के व्यस्ततम हवाई अड्डों में से एक कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सेवाएं रनवे पर बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से 26 अगस्त तक निलंबित कर दी गई हैं. कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में आपातकालीन स्थिति को संभालने के लिए देश के शीर्ष निकाय राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक में यह निर्णय किया गया.

राहत कार्य में जुटे हैं हजारों बचावकर्मी
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बैठक में 20 अगस्त तक वाणिज्यिक उड़ानों के लिए कोच्चि में नौसेना हवाई पट्टी को खोलने का फैसला किया गया. इसमें कहा गया है कि सभी मोबाइल ऑपरेटरों ने कल से मुफ्त डाटा और एसएमएस सुविधा की पेशकश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर अभूतपूर्व राहत प्रयासों के तहत डूबे हुए क्षेत्रों से लोगों को बचाकर राहत शिविरों तक पहुंचाने और राहत सामग्री वितरित करने के लिये 67 हेलीकॉप्टर, 24 विमान, 548 मोटर बोट के अलावा भारतीय नौसेना, सेना, वायुसेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), तटरक्षक, अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के हजारों बचावकर्मियों को लगाया गया है.

बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भोजन-पानी और दवा का इंतजाम
बयान में कहा गया है कि कैबिनेट सचिव ने वायुसेना, नौसेना और ओएनजीसी को पांच और हेलीकॉप्टरों को रविवार तक सेवा में लगाने का निर्देश दिया. तैनाती के लिए अतिरिक्त मोटरबोट को भी तैयार रखा गया है. राज्य सरकार के अनुरोध के अनुसार 6,900 से अधिक लाइफ जैकेट, 3,000 लाइफ बॉय, 167 इनफ्लेटेबल टावर लाइट, 2,100 रेनकोट, 1,300 रबर के जूते और 153 चेन आरी प्रदान की गई हैं. अब तक, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों ने भोजन, पानी और दवाएं उपलब्ध कराई हैं जिनमें 3,00,000 खाद्य पैकेट, 6,00,000 मीट्रिक टन दूध, 14,00,000 लीटर पेयजल, 1,00,000 लीटर की क्षमता वाले 150 पेयजल शोधन किट शामिल हैं.

रेल मंत्रालय भी कर रहा है सहायता
रेलवे ने बताया कि ट्रेनें इरोड और मदुरै होकर तिरुवनंतपुरम जा रही हैं. इसने राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुसार तिरुवनंतपुरम से एर्नाकुलम तक एक विशेष भोजन और दवा ट्रेन चलाने की पेशकश की ताकि रास्ते में आने वाले सभी स्टेशनों पर भोजन और दवाएं वितरित की जा सकें. बैठक में बिजली लाइनों, पेट्रोल पंप, एलपीजी, स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करने और केंद्रीय मंत्रालयों के पूर्ण समर्थन से जरूरी दवाएं, भोजन और चारा आदि प्रदान करने के लिए विभिन्न उपायों की भी समीक्षा की. केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे भारी बचाव और राहत अभियान की समीक्षा के लिए शनिवार को लगातार तीसरे दिन एनसीएमसी की बैठक हुई.



तैनात किए जा रहे हैं ‘सेलुलर ऑन व्हील्स’ मोबाइल टावर

बैठक में केरल के मुख्य सचिव के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये राज्य में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और बचाव दल, मोटरबोट, हेलीकॉप्टर की तैनाती, लाइफ जैकेट, भोजन, पानी और दवाओं की व्यवस्था और बिजली, दूरसंचार और परिवहन लिंक बहाल करने पर चर्चा हुई. दूरसंचार कनेक्टिविटी में सुधार के लिए दूरसंचार विभाग ने इंट्रा सर्कल रोमिंग को सक्षम बनाया है ताकि एक सेवा प्रदाता के ग्राहक अन्य सेवा प्रदाताओं के मोबाइल टावरों का इस्तेमाल कर सकें. सभी ऑपरेटरों ने रविवार से मुफ्त डाटा और एसएमएस सुविधा की पेशकश की है. ‘सेलुलर ऑन व्हील्स’ नामक मोबाइल टावरों को भी तैनात किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी ब्लॉक अनकनेक्ट न रहे.

हर व्यक्ति तक पहुंचे राहत सामग्री- केंद्र सरकार
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाढ़ के पानी में कमी आने पर आपातकालीन मेडिसिन और चिकित्सा दलों को तैनाती के लिए तैयार रखा है. कैबिनेट सचिव ने निर्देश दिया कि विभिन्न राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों द्वारा राहत सामग्री के वितरण में उचित समन्वय होना चाहिए. केरल के मुख्य सचिव ने समय पर केंद्रीय सहायता की सराहना करते हुए सूचित किया कि बारिश से राहत मिली है और बांध एवं जलाशयों में जलस्तर स्थिर है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार एक या दो जिलों को छोड़कर बाकी जिलों में बारिश कम होने की उम्मीद है.

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