अपनी जान जोखिम डाल बचाता है लोगों की जिंदगी, नमाज पढ़ने के बाद करता मंदिर की सफाई

प्रेरणादायक

पटना: शहर के काली मंदिर पर पिछले 10 सालों से माता की चुनरी और फूलों की दुकान लगाने वाले 21 साल के मोहम्मद आसिफ खान अपनी जान को खतरे में डाल कर लोगों की जान बचा रहे हैं। दरअसल भोपाल के तलैया एरिया के गिन्नौरी के पास एक जगह सुसाइड प्वाइंट के नाम से बदनाम है। अक्सर लोग यहां आकर पानी में छलांग लगा देते हैं। यहां तालाब ज्यादा गहरा होने के कारण लोग डूब जाते हैं।

– आसिफ पिछले 1 दशक में अपनी जान पर खेल कर7 लोगों को तालाब से बाहर निकाल चुके हैं।

– कुछ दिन पहले 10 अप्रैल को छोटे तालाब में कूदे एक आदमी को आसिफ ने अपनी जान पर खेल कर ही बाहर निकाला था।

–  इसके बावजूद आसिफ को न तो शासन से कोई मदद मिली और न ही कोई नौकरी मिली।

– पांचवी तक पढ़े आसिफ पिछले 10 साल की उम्र से स्वीमिंग कर रहे हैं। आसिफ के पिता नौशे खान एक फैक्ट्री में काम करते हैं।

– आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण वे निगम के अधिकारियों को नौकरी के लिए कह चुके हैं, लेकिन फिलहाल कोई सुनवाई नहीं हुई है।

कोई परेशानी में होता है तो उसे बचाना मेरा फर्ज

– आसिफ के अनुसार तालाब में छलांग लगाने वाला हिंदू है या मुसलमान, यह उनके लिए मायने नहीं रखता है।

– आसिफ के मुताबिक किसी को भी संकट में देख उसकी जान बचाना वो अपना फर्ज समझते हैं। इसीलिए बिना कुछ सोचे समझे तालाब में कूद जाते हैं।

– इस दौरान कई बार उनका कीमती सामान जैसे स्मार्ट फोन खराब हो चुके हैं।

– डूबने वाले को बाहर निकालते समय उन्हें कई बार चोट भी लोग जाती है, लेकिन वो इसकी परवाह किए बगैर हर बार तालाब में डूबने वाले व्यक्ति की मदद करते हैं।

पाबंदी से पढ़ते हैं नमाज, करते हैं मंदिर की सफाई 

– आसिफ रोजाना के काम काज के अलावा पाबंदी से नमाज भी पढ़ते हैं और दोपहर में मंदिर के बंद होते ही कई बार फर्श की धुलाई और सफाई आसिफ ही करते हैं।

– उनके मुताबिक लोगों की आस्था का ख्याल रखते हुए जब वे लोगों के लिए चुनरी और प्रसाद की दुकान लगाते हैं, तो  मंदिर की साफ सफाई करने में भी उन्हें कोई हर्ज नहीं है।

– साथ ही रमजान में आसपास के सभी हिंदू दुकानदार आसिफ के साथ रोजा इफ्तार भी करते हैं।

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