KCR को नहीं पसंद नीतीश कुमार का साथ! महारैली में न्योता नहीं मिलने पर CM बोले- जिनको आमंत्रित किया, वो गए

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 अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए तमाम विपक्षी पार्टियां एकजुट होने की कवायद कर रही है। इसी कड़ी में भारत राष्ट्र समिति (BSR) के प्रमुख और तेलांगना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने खम्मम जिले में बुधवार को विपक्ष की तमाम बड़ी पार्टियों के दिग्गज नेताओं के साथ महारैली का आयोजन किया। हालांकि, इस रैली में न तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) दिखे और न ही उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) शामिल हुए। विपक्ष की रैली में न्योता नहीं मिलने की अटकलों के बीच बिहार के सीएम नीतीश ने कहा कि मैं किसी और काम में व्यस्त था और मुझे केसीआर (K Chandrashekhar Rao) की रैली के बारे में पता ही नहीं था। मुख्यमंत्री (Bihar Chief Minsiter) ने कहा कि जिन लोगों को रैली में आमंत्रित किया गया था, वे वहां गए होंगे।

केजरीवाल से लेकर अखिलेश और डी राजा हुए शामिल

बता दें कि तेलंगाना (Telangana) के सीएम की रैली में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav), केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan), पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann), भाकपा महासचिव डी राजा (D Raja) समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। इस रैली में बिहार की सत्ताधारी पार्टी की तरफ से कोई भी शामिल नहीं हुआ, जिसके बाद विपक्ष की एकजुटता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

नीतीश कुमार को लग सकता है बड़ा झटका

उल्लखनीय है कि नीतीश कुमार कई बार भाजपा के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता की वकालत करते दिखे हैं।  अब उन्हें ही विपक्षी नेताओं की रैली में न्योता न मिलना उनके प्रधानमंत्री बनने की राह में बड़ी रुकावट पैदा कर सकता है। बताया जा रहा है कि तेलंगाना के सीएम केसीआर की तरफ से जदयू (JDU) और राजद (RJD) को न्योता ही नहीं भेजा गया था। यही कारण रहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव इस रैली में गैरहाजिर दिखे।

भाजपा ने नीतीश कुमार पर कसा तंज

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद ने इस मामले पर कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने के लिए भारत यात्रा पर निकलने वाले हैं। उनका यह सपना तब चकनाचूर हो गया, जब भारत राष्ट्र समिति (बीएसआर) के प्रमुख और तेलांगना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने विपक्षियों को एकजुट करने के लिए आयोजित अपनी मेगा रैली में नीतीश कुमार को न्योता देने लायक भी नहीं समझा।

तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को पीएम कैंडिडेट घोषित करने के बाद गैर कांग्रेसी विपक्षी पार्टियों की तरफ से तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद तेज है। हालांकि, यह कितनी सफल होगी, इसमें संदेह है। भाजपा नेता ने कहा कि हकीकत तो यह है कि कोई भी क्षेत्रीय दल किसी दूसरे को नेता मानने के लिए तैयार नहीं है। विपक्षी एकता एक ऐसा दिवास्वप्न है, जो कभी पूरा होने वाला नहीं है। नीतीश कुमार की पीएम बनने की महत्वाकांक्षा की केसीआर की रैली ने भ्रूण-हत्या कर दी है।

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