अमिताभ बच्चन ने कहा- बिहार की शान आनंद कुमार हैं Super Man

एक बिहारी सब पर भारी

कौन बनेगा करोड़पति के नौंवे सीजन में सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार हॉट सीट पर अमिताभ बच्चन के सामने बैठे।

सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार कौन बनेगा करोड़पति में आज बॉलीवुड आइकन अमिताभ बच्चन के साथ हॉट सीट पर मौजूद थे। अमिताभ बच्चन ने आनंद कुमार के बारें कहा की ये सुपर 30 के सुपर मैन हैं। उन्होंने हॉटसीट पर 25 लाख रुपए जीतने के बाद खेल को समाप्त कर दिया। उन्होंने सात सवालों के जवाब दिए। इस दौरान सुपर-30 में पढ़ चुके आईआईटी छात्र अनिरुद्ध सिन्हा, अनूप कुमार ने सहयोग किया। अमिताभ ने पूछे ये सवाल…

– बता दें कि शिक्षा में उनके योगदान को देखते हुए आनंद को एक सेलिब्रिटी तौर पर आमंत्रित किया गया था। आनंद कुमार ने इस दौरान पढ़ाई के टिप्स भी साझा किए।
– अमिताभ बच्चन ने आनंद से पूछा कि सुपर 30 की स्थापना की प्रेरणा कैसे मिली और कैसे उन्होंने वंचित वर्गों के छात्रों के लिए मंच तैयार किया।

– आनंद ने बताया कि उनसे जो सवाल पूछे गए उनमें, गांधीजी का जुड़ाव किस नदी से है? टाटा का पहला बिजनेस कौन था?
– सोनी की टीम शूट के लिए घर पर आई थी। घरवालों से, छात्रों से बात की है, एपिसोड में इसे भी दिखाया जाएगा।
– आनंद कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर इस बारे में जानकारी देते हुए एक फोटो शेयर की है।
– उन्होंने लिखा है कि सदी के नायक अमिताभ बच्चन जी को मैं कैसे धन्यवाद दूं, ये मेरे लिए तय कर पाना मुश्किल हो रहा है।

– जिस तरह से उन्होंने “कौन बनेगा करोड़पति” में बतौर अतिथि मुझे बुलाया और सम्मान दिया, सच में मेरे लिए एक बहुत बड़ी बात थी।
– उनसे बात हो रही थी और खेल चल रहा था। सवालों का दौर चल रहा था। मैं जीतते जा रहा था और कही रुकता तब मेरे स्टूडेंट्स मुझे आगे बढ़ा देते।

– अचानक हूटर बजता है और समय समाप्त, वरना…। आप भी देख ही लीजिये 8 सितम्बर को 9 बजे सोनी टीवी पर पूरे खेल को।
सात सवालों के जवाब देकर जीते 25 लाख रुपए
– बताया जा रहा है कि इस एपिसोड में आनंद कुमार ने सात सवालों के जवाब देकर 25 लाख रुपए जीते।

– इस दौरान एक-दो बार आनंद कुमार सवालों का जबाव देने में फंसे। इनका सहयोग इनके एक स्टूडेंट ने दिया।
– बता दें कि आनंद कुमार की बायोपिक बन रही है जिसमें रितिक रोशन लीड रोल में हैं।
– पटना के गणितज्ञ आनंद कुमार आईआईटी प्रतिभागियों के लिए ‘सुपर 30’ नाम से कोचिंग चलाते हैं।

– वे आईआईटी-जेईई के लिए मुख्य तौर पर आर्थिक रूप से पिछड़े स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने 2002 में इस कोचिंग की शुरुआत की थी।
– साल 2002 से लेकर अब तक उनके पढ़ाए 396 स्टूडेंट्स का IIT में एडमिशन हो चुका है।

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