कौन होगा बिहार का नेता प्रतिपक्षः भाजपा में मंथन, जानें किन नामों पर हो रही चर्चा; 16 को दिल्ली में कोर कमेटी की बैठक

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बिहार में सरकार से बाहर होने के बाद भाजपा की चुनौती फिलहाल नेता प्रतिपक्ष चुनने की है। वर्ष 2020 विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद भले ही रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को पार्टी ने उप मुख्यमंत्री बनाया, विधानसभा में पार्टी नेता का जिम्मा तारकिशोर प्रसाद को मिला। वहीं, विधान परिषद में नवल किशोर यादव उप नेता बनाए गए। अब दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, भाजपा को फिलहाल इस चुनौती से पार पाना होगा। नेता विपक्ष का जिम्मा तारकिशोर प्रसाद ही संभालेंगे या किसी और को यह दायित्व मिलेगा, इस पर अगले एक सप्ताह में निर्णय लेना होगा। वैसे तो संवैधानिक रूप से दो ही पद हैं, विधानसभा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष। लेकिन, दोनों सदनों के सदस्यों की संयुक्त बैठकों के मद्देनजर विधानमंडल दल के नेता चयन की भी परंपरा है।

बहरहाल, भाजपा ने बदली हुई परिस्थिति को देखते हुए इन पदों पर निर्णय की कवायद भी आरंभ कर दी है। झंडोत्तोलन के अगले ही दिन 16 अगस्त को दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इसमें बिहार भाजपा की कोर कमेटी के सभी 20 सदस्य शामिल होंगे। माना जा रहा है कि कोर कमेटी में नामों पर मंथन के बाद केन्द्रीय नेतृत्व इसपर फैसला करेगा। वर्ष 2013 में जब जदयू ने भाजपा से किनारा कर लिया था तो तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भाजपा विधानमंडल दल तथा विप में नेता का दायित्व संभाला था। विधानसभा में वरिष्ठ विधायक नंदकिशोर यादव ने बतौर नेता विपक्ष मौर्चा संभाला था। वर्ष 2015 के चुनाव के बाद एकबार फिर जब भाजपा विपक्ष में रही तो सुशील मोदी का जिम्मा पूर्ववत रह गया जबकि नंदकिशोर यादव की जगह डॉ. प्रेम कुमार विस में नेता विपक्ष बने।

सामाजिक समीकरण का ख्याल

भाजपा दोनों सदनों में नेता चुनने में सामाजिक समीकरण का खास ख्याल रखेगी। ईबीसी, ओबीसी व अगड़ी जातियों में सामंजस्य बिठाया जाएगा। एक सदन में ईबीसी या ओबीसी तो दूसरे में अगड़ी जाति से नेता चुना जाना तय है। विप में भाजपा के उप नेता नवल किशोर यादव हैं। वहीं मंगल पांडेय व सम्राट चौधरी की दावेदारी प्रबल रही है।

नेता विपक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा

तारकिशोर प्रसाद विस में भाजपा के नेता हैं, लेकिन कई और नाम इस पद की होड़ में चल रहे हैं। वरिष्ठों में नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार व अमरेन्द्र प्रताप सिंह तो बाद की पीढ़ी से नितिन नवीन व विजयसिन्हा का नाम चल रहा है। भाजपा सूत्रों की मानें तो यदि विस में पार्टी का नेता बदला जाता है तो अगड़ों में विजय सिन्हा, नितिन नवीन जबकि पिछड़ों में संजीव चौरसिया का नाम गंभीर है।

 

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