kashmir-pulwama-police-building-attack-4-personnel-injury

कश्मीर के पुलवामा में पुलिस बिल्डिंग पर आतंकी हमला, 3 जवान शहीद

राष्ट्रीय खबरें
श्रीनगर. कश्मीर के पुलवामा में डिस्ट्रिक्ट पुलिस लाइन बिल्डिंग पर आतंकी हमला हुआ है। इस घटना में तीन जवान शहीद हो गए। एक आतंकी को भी मार दिया गया है। अभी लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू के मुताबिक, यह फिदायीन हमला है। इलाके में अभी 2 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। फायरिंग चल रही है। बता दें कि इससे पहले 10 जुलाई को अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 5 तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई थी, 15 जख्मी हुए थे। जैश ने ली हमले की जिम्मेदारी…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। एक अनजान शख्स ने लोकल मीडिया को फोन करके यह जानकारी दी। उसने खुद को जैश का स्पोक्सपर्सन बताया। उसका दावा था कि इस हमले में कई जवान मारे गए हैं। उसने धमकी दी है कि घाटी में अभी ऐसे और हमले किए जाएंगे।
– हालात को देखते हुए साउथ कश्मीर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अफवाह की आशंका को देखते शनिवार सुबह से इलाके में बीएसएनएल समेत सभी मोबाइल इंटरनेट सर्विस को बंद कर दिया गया है। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।
kashmir-pulwama-police-building-attack-4-personnel-injury
अभी भी हो रही फायरिंग
– स्थानीय लोगों के मुताबिक, फायरिंग तड़के 4 बजे शुरू हुई। शोपियां-पुलवामा हाईवे पर जहां यह हमला हुआ वह इलाका हाई सिक्युरिटी जोन में आता है। यहां पुलिस के सीनियर अफसरों के ऑफिस हैं। आतंकियों और सिक्युरिटी फोर्स के बीच अभी भी फायरिंग चल रही है।
– हमले की वजह से पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को अपना मुगल रोड दौरा रद्द कर दिया। यह इलाका साउथ कश्मीर में है।
पाकिस्तान ने किया 228 बार सीजफायर वॉयलेशन
– इसके अलावा 2014 में 153 बार सीजफायर वॉयलेशन की घटनाएं हुई, जिसमें 3 जवान शहीद हुए, वहीं 29 जवान जख्मी हुए थे। वहीं, 2015 में 152 और 2016 में 228 घटनाएं हुई, जिनमें 10 और 13 जवान शहीद हुए।
– 2015 से इस साल ग्यारह जुलाई तक आर्मी पर 27 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 40 जवान शहीद हुए।
– इसके अलावा, 2014 से इस साल ग्यारह जुलाई तक एलओसी पर घुसपैठ की 84 कोशिशों को नाकामयाब किया गया, जिनमें 142 आतंकवादी मारे गये और सेना के 29 जवान शहीद हुए।
kashmir-pulwama-police-building-attack-4-personnel-injury
जून में हुए आतंकी हमले में 6 जवान शहीद
– 16 जून को कश्मीर के अचबल में आतंकियों ने घात लगाकर पुलिस पार्टी पर हमला किया था। इसमें 6 पुलिसवाले शहीद हो गए। आतंकियों ने भागने के पहले इन जवानों के चेहरे बिगाड़ दिए थे। ये लोग रूटीन राउंड पर निकले थे।
– वहीं, 15 जून को घाटी के हैदरपुरा इलाके में दो अलग-अलग घटनाओं में आतंकियों ने पुलिस जवानों पर हमला किया था। इसमें दो जवान शहीद हो गए थे।
जुलाई में 9 जवान शहीद
– जुलाई में सीजफायर की घटनाओं में 9 जवान शहीद और 2 लोगों की मौत हो गई थी। 18 लोग जख्मी हुए थे।
– जून में 83 सीजफायर वॉयलेशन, पाक की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) का एक हमला और घुसपैठ की 2 घटनाएं हुई थीं। इसमें 3 जवान शहीद हो गए थे। मई में पाक ने 79 बार सीजफायर वॉयलेशन किया था।
अगस्त में 5 एनकाउंटर
– 5 अगस्त को सोपोर में सिक्युरिटी फोर्सेस ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों को मार गिराया। पुलिस का एक जवान जख्मी हुआ था। फोर्सेस ने 3 एके-47 राइफलें भी बरामद की थीं।
– 4 अगस्त को फोर्सेस ने अनंतनाग में एनकाउंटर में यावर नाम के एक आतंकी को मार गिराया। यावर ने एक महीने पहले ही हिजबुल मुजाहिदीन ज्वाइन किया था। यावर पत्थरबाजी की कई घटनाओं में शामिल था। उसने जुलाई के पहले हफ्ते में हिजबुल ज्वाइन किया था। यावर ने पुलिस गार्ड से एक सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) लूटी थी। एक राइफल, 2 मैगजीन और 40 राउंड गोलियां बरामद की गई थीं।
– 3 अगस्त को ही कुलगाम में सिक्युरिटी फोर्सेस ने 2 आतंकियों को मार गिराया था।
– 1 अगस्त को सिक्युरिटी फोर्सेस ने पुलवामा के हाकरीपोरा में एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अबु दुजाना समेत 2 आतंकियों को मार गिराया था। दुजाना पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्तिस्तान का रहने वाला था।
– 30 जुलाई को पुलवामा जिले में सिक्युरिटी फोर्सेज और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुआ। इस दौरान तहाब एरिया में 2 आतंकी मारे गए। जिसके बाद जिले के सम्बूरा, तहाब और इससे लगे इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन किया और फोर्स पर पत्थर बरसाए। सिक्युरिटी फोर्सेज को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
कश्मीर में 7 महीने में 109 आतंकी ढेर, हर दिन हुई एक आतंकी वारदात
– कश्मीर और आतंकवाद पर होम मिनिस्ट्री की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर में 7 महीनों में औसतन हर दिन एक आतंकी वारदात हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि 7 महीनों में मारे जाने वाले आतंकियों की तादाद 109 है, जो कि इस दशक में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2016 में 150 आतंकी मारे गए थे, लेकिन ये आंकड़ा पूरे साल का था।
– रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पिछले साल हुई आतंकी वारदातों से तुलना करें तो इस साल 23 जुलाई तक इनमें 25 पर्सेंट तक का इजाफा भी दर्ज किया गया है। 1 जनवरी से लेकर 23 जुलाई के बीच घाटी में 184 हिंसक आतंकी वारदातें हुई हैं।
– पिछले साल इसी समयसीमा के भीतर ऐसी 155 वारदातें हुई थीं, जबकि 2016 में ऐसी कुल 322 आतंकी वारदातें हुई थीं। 2015 में 208 और 2014 में ऐसी 222 आतंकी वारदातें हुई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.