काशिफा शकील ने बिहार का नाम किया रोशन, भाई के दर्द ने बनाया STRONG

बिहारी जुनून

पटना: कहते हैं कि अगर मन में सच्ची लगन हो तो सपना भी जरूर पूरा होता है। इसी लगन के साथ अपने सपने को पूरा कर दिखाया है मांझी प्रखंड के पश्चिमी पंचायत के मियां पट्टी गांव निवासी काशिफा शकील ने जिसने राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (यूजी) में सफलता पाकर जिले का नाम रोशन किया है।

यूजी में सफलता हासिल कर एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए चयन हो गया। उसने ईबीसी में 139 रैंक हासिल की है जिसके बाद उसे गया का अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज मिला है। काशिफा की इस सफलता के बाद पूरे गांव में चर्चा का विषय बना है। कड़ी प्रतिस्पर्धा की दौड़ में गांव की सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर मेडिकल में प्रवेश पाना कठिन है, लेकिन काशिफा ने इस मामले में मिशाल कायम किया है।

घर पर तैयारी कर हासिल कर ली यूजी की परीक्षा
उसने घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूरी पर स्थित आदर्श मध्य विद्यालय से आठवीं तक कि पढ़ाई की। उसके बाद दलन सिंह उच्च विद्यालय से वर्ष 2013 में मैट्रिक पास की। वहीं, मांझी इंटर कॉलेज से वर्ष 2015 में इंटर की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने का सपना जगा। जिसके बाद घर पर ही तैयारी कर यूजी की परीक्षा हासिल कर ली।

काशिफा चार बहनों में सबसे बड़ी है। छोटा भाई हमेशा बीमार ही रहता था। घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी जिसके कारण छोटे भाई के इलाज में काफी दिक्कत होती थी। भाई को बीमार देख काशिफा ने डॉक्टर बनने का मन बना लिया।

एक ही स्कूल में शिक्षक हैं माता-पिता
दरअसल, काशिफा के माता-पिता आदर्श मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं। उसी स्कूल से काशिफा ने भी पढ़ाई की। काशिफा की तीनों छोटी बहन उसी विद्यालय में पढ़ती हैं जिसमें माता-पिता शिक्षक हैं। छोटी तीनों बहनों को भी डॉक्टर बनने का शौक है।

Source: Etv Bihar

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