कार्तिक पूर्णिमा पर दान और स्नान का बहुत महत्व है। कहते हैं, इस दिन दान की हुई चीजों का कई गुना फल आपको मिलता है। वहीं, यह भी मान्यता है कि जाने-अनजाने अगर आपसे कोई गलती हो गई हो, तो आप इस दिन सच्चे मन से क्षमा मांगकर जीवन का एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं।  इस दिन गंगा में स्नान करने के अलावा कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका दान करना चाहिए, लेकिन अगर आप किसी वजह से गंगा नहीं जा पाते, तो आप घर में कुछ बातों का ध्यान रखते हुए स्नान कर सकते हैं। आइए, जानते हैं-  

इन चीजों का करें दान 
– गंगा स्नान के बाद दीप दान का भी महत्व है। इस दिन मौसमी फल (संतरा,सेब,शरीफा आदि), उड़द दाल, चावल और उजली चीजों का दान शुभ माना गया है।
– कार्तिक पूर्णिमा के दिन गाय, दूध, केले, खजूर, अमरूद, चावल, तिल और आवंले का दान जरूर करना चाहिए।
– कार्तिक पूर्णिमा के दिन ब्राह्मण, बहन और बुआ को अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र और दक्षिणा जरूर दें।
 

गंगा स्नान के लिए नहीं जा पाए हैं, तो
-कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए, यदि आप गंगा स्नान करने नहीं जा सकते हैं तो आप घर में ही थोड़ा सा गंगाजल नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें।
-स्नान करने के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं।
– घर में पूजा अवश्य करें। आपको पूजा करने के बाद घर में दीपक जरुर जलाना चाहिए। इस दिन जितना हो सके दान करना चाहिए।
– भगवान विष्णु के लिए सत्यनारायण भगवान की कथा करनी चाहिए।
 इस दिन दीपदान, पूजा, आरती और दान किया जाता है।


– कार्तिक पूर्णिमा पर गरीबों को फल, अनाज, दाल, चावल, गरम वस्त्र आदि चीजों का दान करना चाहिए।
-शिवलिंग पर जल चढ़ाकर ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। अभिषेक करें। कर्पूर जलाकर आरती करें।
– शिवजी के साथ ही गणेशजी, माता पार्वती, कार्तिकेय स्वामी और नंदी की भी विशेष पूजा करें।
– पूर्णिमा पर हनुमानजी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

Sources:-Hindustan

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