कर्नाटक के इस MLA ने 36 घंटे में 5 बार बदली पार्टी, इतनी बार दल बड़े नेताओं ने भी सालों में नहीं बदले होंगे

राजनीति

आपने राजनीति में आज तक एक से बढ़कर एक बड़े नेताओं को दल बदलते हुए देखा होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे नमूने नेता के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 36 घंटे में 5 बार पलटी मार चुके हैं।

ये नेता सुबह कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हो जाता है, तो शाम ढलते-ढलते बीजेपी को समर्थन देने की बात कहने लगता है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां हर हाल में इस एमएलए का समर्थन चाहती हैं।


हम आज बात कर रहे हैं कर्नाटक के निर्दलीय विधायक आर शंकर की। पिछले 36 घंटों में कर्नाटक की राजनीति में इन्होंने इतनी बार दल बदल लिए जितने शायद बड़े नेताओं ने भी सालों में नहीं बदले। दरअसल, 15 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे जिसके बाद से ही शंकर लगातार दल बदलने में लगे हुए हैं।

15 मई की शाम 4 बजे चुनाव के सारे परिणाम घोषित नहीं हुए थे, लेकिन तब तक साफ हो गया था कि बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। वहीं, कांग्रेस भी जेडीएस को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर चुकी थी।

इस दौरान आर शंकर की भी जीत की घोषणा हो गई और उसी वक्त शुरू हो गया निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल करने का खेल। शाम 4 बजे आर. शंकर ने ऐलान किया कि वो कांग्रेस और जेडीएस को समर्थन देने जा रहे हैं।

इस बीच चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी खेमे में भी हलचल तेज हो गई और 15 मई की रात ही शंकर, बीएस येदियुरप्पा के आवास पर उनसे मिलने पहुंच गए। कुछ घंटे चली बैठक के बाद रात 10 बजे शंकर येदियुरप्पा के घर से बाहर आए और बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।

16 मई की सुबह एक बार फिर से शंकर कांग्रेसी खेमे में दिखे। बीजेपी नेताओं के होश उस वक्त उड़ गए जब शाम 4 बजे कांग्रेस और जेडीएस के विधायक राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने पहुंचे।

राज्यपाल के पास पहुंचे नेताओं में शंकर भी शामिल थे और उन्होंने जेडीएस-कांग्रेस को दोबारा समर्थन दे दिया। उसी रात 10 बजे शंकर फिर बीजेपी ऑफिस पहुंच गए और दोबारा बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया और कहा कि उनका वोट बीजेपी के साथ है।


बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को लगा कि चलो अब कुछ बात बन गई और अब बीजेपी अपनी सरकार आराम से बना लेगी। इस बीच 17 मई की सुबह बीएस येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ले ली, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और जेडीएस के विधायक धरने पर बैठ गए।

लेकिन बीजेपी विधायकों के होश उस वक्त उड़ गए जब आर शंकर एक बार फिर से कांग्रेसियों के साथ विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे दिखे। ताजा जानकारी के मुताबिक, अभी तक शंकर कांग्रेस को ही समर्थन दे रहे हैं।

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