पटना: चेन्नई सुपर किंग्स ने रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर तीसरी बार आईपीएल खिताब पर कब्जा जमाया। शेन वॉटसन के धमाकेदार शतक और दो वर्ष के निलंबन के बाद वापसी पर चेन्नई के खिताब जीतने के बीच सीएसके के कर्ण शर्मा की उप‍लब्धि पर किसी का ध्यान नहीं ‍गया।

कर्ण शर्मा को फाइनल में हरभजन सिंह की जगह चेन्नई की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। कर्ण ने आईपीएल इतिहास में एक खास मुकाम हासिल किया, वे तीन अलग-अलग टीमों के साथ आईपीएल खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

 

कर्ण ने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ पहली बार आईपीएल खिताब जीता। इसके बाद वे 2017 में मुंबई इंडियंस शिफ्ट हुए और रोहित शर्मा के नेतृत्व में मुंबई ने आईपीएल खिताब जीता। उन्होने 9 मैचों में 13 विकेट झटकते हुए मुंबई को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

2018 आईपीएल की नीलामी में मुंबई ने उन्हें अपने पास बनाए रखने की भरसक कोशिश की, लेकिन चेन्नई ने 5 करोड़ रुपए की मोटी कीमत पर उन्हें हासिल कर लिया। कर्ण के लिए चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़ना भाग्यशाली रहा क्योंकि धोनी के धुरंधरों ने सनराइजर्स को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह कर्ण का लगातार तीसरा आईपीएल खिताब है। उन्होंने इस सत्र में चेन्नई की तरफ से 6 मैचों में 4 विकेट अपने नाम किए।

आईपीएल में रोहित शर्मा, अंबाती रायुडू और हरभजन सिंह ऐसे खिलाड़ी है जो 4-4 चार बार खिताब जीतने वाली टीमों में शामिल रहे, लेकिन इन सभी ने सिर्फ दो टीमों में रहते हुए यह खिताब अपने नाम किए थे। कर्ण ने तीन टीमों की तरफ से तीन खिताब जीतकर इन सभी को एक खास मामले में पीछे छोड़ दिया।

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