बिहार-यूपी बॉर्डर पर अंग्रेजों का बनाया कर्मनाशा नदी पुल अब भी सलामत,दस साल में टूट गया स्वर्णिम चतुर्भुज एनएच 2 का पुल

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उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने के लिए नेशनल हाइवे-2 पर ग्राम नौबतपुर में कर्मनाशा नदी पर बने पुल के पीलर में दरार आ गया है। जबकि उसी नदी पर अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ ब्रिज अभी भी सलामत है। जिस पुल का पीलर टूटने के कगार पर है उस पुल पर 10 साल पहले यानी 2009 में आवागमन शुरू हुआ था। लेकिन मात्र दस साल में ही पुल का पीलर टूटने की कगार पर आ गया है। उत्तर प्रदेश बिहार सीमा नौबतपुर के समीप कर्मनाशा नदी पुल के पीलर क्षतिग्रस्त होने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। इससे यूपी-बिहार को जोड़ने वाली पुल के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर डीएम नवनीत सिंह चहल व एसपी हेमंत कुटियाल समेत एनएचएआई अधिकारी पहुंच गए।

डीएम ने एनएचएआई के पीडी को अविलंब मरम्मत कराने का निर्देश दिया। पुराने पुल से छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया। लेकिन ट्रक व भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में फोर लेन मार्ग स्वर्णिम चतुर्भुज योजनान्तर्गत यूपी-बिहार बार्डर पर कर्मनाशा नदी पर पुल का निर्माण हुआ था 2009 में पुल से आवागमन शुरू हो गया। 

पिछले एक दशक से इस पुल पर छोटे-बडे़, अंडरलोड -ओवरलोड प्रतिदिन लगभग तीन हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। शनिवार की सुबह लगभग सात बजे शौच के लिए नदी में गये लोगों ने जब पुल के पिलर को टूटा देखा तो इसकी जानकारी तत्काल कोतवाल एस पी सिंह को दी। कोतवाल तत्काल मौके पर पहुंच पहले दोनों तरफ के वाहनों का आवागमन बंद कराया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। क्रेन द्वारा रोड के दोनों तरफ साइडर लगा दिया गया है।

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