कार में शराब छिपाने के शक में रात भर ठंठ में ठिठुरती रही पुलिस, सुबह मिली भी तो सिर्फ एक बोतल

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बिहार में शराबबंदी का कानून लागू है। शराब बंदी के इस कानून को लेकर पुलिस को भी भारी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला शेखपुरा से सामने आया है। यहां एक बोतल शराब के लिए पुलिस को रात भर ठंड में ठिठुरते रहना पड़ा है। वहीं गांव वालों के आक्रोश को भी पुलिस को झेलना पड़ा है।

दरअसल, यह पूरा मामला जिले के माफो गांव से जुड़ा हुआ है। इस गांव में एक बारात आई थी। वहीं, बारात में एक युवक शराब पीकर आया था। उसने अपनी नई क्रेटा कार में भी एक शराब की बोतल रखी थी और उसमें से भी थोड़ी शराब पी ली थी। शादी समारोह में शिरकत करने के बाद वह वापस शेखपुरा लौट गया। गाड़ी युवक खुद चला रहा था।

 

इसी बीच मेहूस थाना के पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप कुमार और उनकी टीम रात्रि गस्ती में थी। पुलिस ने क्रेटा गाड़ी को रुकने का इशारा किया। तभी पुलिस को देखकर युवक आनन-फानन में गाड़ी को घुमा लिया और भागने लगा। पुलिस ने  इस गाड़ी की पीछा किया गया। गाड़ी गांव चली गई। युवक गाड़ी से उतरकर बारात में शामिल हो गया।

चाबी न देने पर अड़े गांव के लोग\

इधर, पुलिस के लिए बारात में शामिल युवक की पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस टीम ने कार की पहचान की और कब्जे में ले लिया। फिर गांव वालों से चाबी देने के लिए कहा। गांव के लोग भी युवक के पक्ष में आ गए और उसे बचाने के लिए अलग-अलग बहाने बनाने लगे। पुलिस को गाड़ी में शराब होने का शक हो गया, जिसके कारण पुलिस की टीम रात भर ठंड में ठिठुरते हुए गाड़ी के पास निगरानी करती रही।

गाड़ी को ले जाने के लिए पुलिस ने मंगवाई जेसीबी और क्रेन

सुबह में थानाध्यक्ष विनोद झा मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीन और क्रेन से गाड़ी को उठाकर ले जाने की तैयारी होने लगी। तभी गांव के लोगों ने पुलिस को गाड़ी की चाबी दे दी। पुलिस ने अंदर तलाशी ली तो अंग्रेजी शराब की सिर्फ एक बोतल बरामद हुई। इस अंग्रेजी शराब की एक बोतल के लिए पुलिस को रात भर ठंड में ठिठुरना पड़ा। थाना अध्यक्ष ने बताया कि गाड़ी को बरामद करते हुए थाना लाया गया है। उसमें से एक बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। इस मामले में विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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