कंगाल हो गए या मालामाल हैं ! किस हाल में हैं KBC में 5 करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार ?

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साल था 2011 जब मोतिहारी के सुशील कुमार अमिताभ बच्चन की मेजबानी में कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट से 5 करोड़ रुपए का चेक लेकर उतरे थे। सुशील इस क्विज शो के पहले ऐसे विजेता थे जिसने पांच करोड़ तक के सवालों का सही जवाब दिया। सुशील को लेकर सोशल मीडिया पर और कई बार न्यूज साइट्स पर एक खबर चलती रहती है कि पांच करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार अब कंगाल हो गए हैं, सड़क पर आ गए हैं और सारे पैसे गंवाने के बाद टीचर की नौकरी करके किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। सच क्या है ?

सच ये है कि सुशील कुमार अच्छा-भला संपन्न जीवन जी रहे हैं। नौकरी की बात छोड़कर भी बात करें तो वो मौज में जी रहे हैं और अपनी पसंद का काम कर रहे हैं। पढ़ाना-लिखाना, चंपा-पीपल-बरगद के पेड़ लगाना और गोरैया के लिए घोंसले लगवाना। सुशील मुसहर बच्चों के एक टोले में महात्मा गांधी के नाम पर स्कूल भी चला रहे हैं जिसमें 100 से ज्यादा बच्चे पढ़ने आते हैं। इनाम जीतने के बाद शुरू में सुशील ने कुछ पैसे यहां-वहां खर्च कर दिए। कई बार सही और गलत लोगों को चंदा देने के बाद जब उनको होश आया तब तक चंदा लेने वालों का आना भी बंद हो गया था।

कैसे फैली अफवाह कि सुशील कुमार कंगाल हो गए हैं ?

एक मीडिया हाउस ने खबर छाप दी कि सुशील कंगाल हो गए हैं और दाने-दाने को मोहताज हैं।वैसे, ये बात सुशील ने उस मीडिया हाउस को खुद ही कही थी क्योंकि वो उसके रिपोर्टर के पैसे के हिसाब मांगने से चिढ़ गए थे और खीझकर कह दिया कि सारे पैसे खत्म हो गए और अब वो गाय पालकर दूध बेच रहे हैं और उसी से जीवन चल रहा है। झल्लाकर कही गई बात रिपोर्टर ने सही मानकर खबर बना दी और अफवाह फैल गई कि सुशील कुमार करोड़पति से खाकपति गरीब हो गए हैं।

असल में केबीसी से टैक्स काटने के बाद सुशील कुमार को असल में 3.50 करोड़ रुपए ही मिले थे। सुशील ने जीती गई रकम से मोतिहारी में तीन जमीन खरीदी थी जिसकी आज मार्केट में कीमत 3 करोड़ रुपए से ऊपर जा चुकी है। सुशील ने इनाम के पैसे से अपने घर को तिमंजिला बना दिया और उसमें परिवार से बचे कमरों को किराए पर लगा दिया जिससे उन्हें हर महीने किराया भी आता है।

और, सबसे समझदारी का काम सुशील कुमार ने किया कि इनाम से एक बड़ी रकम को हटाकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स डिपॉजिट कर दिया जिससे उन्हें हर महीने 60-70 हजार रुपए ब्याज के तौर पर आ जाता है। इसी साल अगस्त में एसबीआई ने मोतिहारी के 20 टॉप जमाकर्ताओं को सम्मानित किया जिसमें एक सुशील कुमार भी थे। तो ये साफ हो गया कि सुशील कुमार कंगाल नहीं हुए हैं। जमीन में निवेश का वैल्यू काफी बढ़ चुका है और वो इनाम में मिली राशि से ऊपर जा चुका है। बैंक से इंटरेस्ट और घर से किराया जो मिल रहा है वो अलग।

सुशील कुमार पढ़ाने के अलावा वृक्षारोपण के अभियान चला रहे हैं।  चंपा से चंपारण नाम के अभियान के तहत सुशील कुमार चंपा, पीपल, बरगद, पलाश, आम और महुआ के पेड़ लगाते हैं। जमीन के मालिक जहां भी उनको बुलाते हैं वो जाकर पेड़ लगा देते हैं। इसके अलावा सुशील लोगों को समझा-बुझाकर उनके घरों में गोरैया के लिए घोंसले लगाते हैं और जिस कार्यक्रम में भी जाते हैं वहां गोरैया संरक्षण की बात करते हैं।

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