प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में इस वित्तीय वर्ष आवास निर्माण में कैमूर ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए उप विकास आयुक्त कृष्ण प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में कैमूर जिले के लिए 46100 आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें 56.6% आवास पूरा करा लिया गया है.

बता दें कि कैमूर में विभिन्न वित्तीय वर्षों में आवास योजना के अंतर्गत लाभुकों को आवास योजना हेतु तीन किस्तों में 1,30,000 रूपये आवास निर्माण के लिए दिए गए हैं. डीडीसी ने बताया कि आवास निर्माण की समीक्षा के क्रम में पाया गया है कि जिले के 149 पंचायतों में 27 पंचायतों के आवास सहायकों और पर्यवेक्षकों द्वारा आवास के निर्माण कार्य पूरा कराने में लापरवाही बरती जा रही है, जिसे लेकर आवास सहायकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.

आवास सहायकों के विरुद्ध की जाएगी प्रशासनिक कार्रवाई

अगर प्रशासनिक पहल के बावजूद भी इंदिरा आवास सहायक कार्य को करने में अक्षम रहे हैं तो उन पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. कार्य में प्रगति नहीं आने पर आवास सहायकों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. यही नहीं उनसे स्पष्टीकरण का भी मांग किया गया है. आखिरकार किस कारण इंदिरा आवास लाभुकों को अभी तक नहीं लाभ मिल पाया.

जिले के 27 पंचायत रह गए वंचित

आपको बता दें कि जहां एक तरफ बिहार में कैमूर जिला को नंबर वन इंदिरा आवास में दर्जा मिला हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ इंदिरा आवास सहायक व पर्यवेक्षक के नाकामियों द्वारा अभी तक जिले के 27 पंचायत वंचित रह गए. डीडीसी ने कहा कि संबंधित इंदिरा आवास सहायक पर्यवेक्षक के ऊपर कार्रवाई की जाएगी.

Sources:-Live cities

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