कैदी के पास मिले 2 किलो गांजा, स्मैक, 19 मोबाइल; बंदियों तक कैसे पहुंचे आपत्तिजनक सामान?

जानकारी

बिहार के बेऊर जेल के कैदियों को मोबाइल के साथ साथ नशे के सामान आसानी से मिल रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब पटना पुलिस ने एक कैदी वैन की तलाशी ली। पटना सिविल कोर्ट से पेशी के बाद लौटे निजी कैदी वैन के भीतर से 19 मोबाइल, दो किलोग्राम गांजा, स्मैक, गुटका, सिगरेट के पैकेट व अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं। एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लों के निर्देश पर फुलवारीशरीफ एएसपी मनीष कुमार सिन्हा व बेऊर थानेदार अतुलेश सिंह ने जेल गेट के समीप छापेमारी की। उसी वक्त कैदियों को पेशी से वापस लेकर वैन वहां पहुंचा था। गुप्त सूचना के आधार पर उसी समय एएसपी फुलवारी भी वहां पहुंच गए और कैदी वैन की तलाशी ली। एक-एक कर सभी बंदियों की तलाशी हुई तो उनके पास से मोबाइल मिले।

इसके बाद पटना पुलिस की टीम ने जेल के सभी वार्डों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। कई संवेदनशील वार्ड भी खंगाले गए। हालांकि बाहर हो रही छापेमारी की भनक जेल के अंदर बंदियों को लग गयी। इस कारण सभी सतर्क हो गए। देर रात पटना पुलिस बेऊर जेल में छापेमारी कर रही थी। एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लों ने यह स्पष्ट किया है कि बंदियों तक मोबाइल व आपत्तिजनक सामान कैसे पहुंचे इसकी गहनता से छानबीन की जा रही है। अगर किसी पुलिसकर्मी की गलती मिली तो केस दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिस वैन से बंदियों को कोर्ट ले जाया गया था वह प्राइवेट था

पेशी के दौरान गुर्गों ने दिया मोबाइल 

प्रथम दृष्टया यह बात सामने आयी है कि पेशी के दौरान ही बंदियों को उनके गुर्गों ने मोबाइल व आपत्तिजनक दिया है। अगर पटना पुलिस की टीम ऐन मौके पर जेल गेट पर छापेमारी नहीं करती तो ये सारे मोबाइल अंदर चले जाते। सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में बंदियों के हाथ में आपत्तिजनक सामान कैसे पहुंचा इस पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

पहले भी जेल में मिला है मोबाइल 

इसके पहले भी कई बार बेऊर जेल में बंदियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किया जा चुका है। कुख्यातों के दौरान जेल में बंद होने के बावजूद रंगदारी मांगने और धमकी देने का खुलासा भी पूर्व में हुआ था।

 

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