ज्‍योति कुमारी ने ठुकराया फेडरेशन का ऑफर, पिता को साइकिल पर बैठा तय किया था 1200 किमी लंबा सफर

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कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान अपने पिता को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा करीब 1200 किलोमीटर का रास्‍ता तय कर पहुंची ज्‍योति कुमारी को भारतीय साइकिलिंग महासंघ ने ट्रायल का मौका दिया था, मगर अब ज्‍योति ने उस ट्रायल के ऑफर को ठुकरा दिया है. भारतीय साइकिलिंग महासंघ (CFI) के निदेशक वीएन सिंह ने कहा था कि अगर ज्‍योति सीएफआई के मानकों पर थोड़ी भी खरी उतरती है तो उसे विशेष ट्रेनिंग और कोचिंग मुहैया कराई जाएगी. मगर ज्‍योति ने फेडरेशन के ऑफर को ठुकरा दिया.


ज्‍योति ने कहा कि मैं पहले अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती हूं. लंबे सफर के बाद अब मैं शारीरिक रूप से कमजोर महसूस कर रही हूं. सात दिन के लंबे सफर के बाद अपने घर पहुंचने के बाद ज्‍योति ने कहा कि पहले परिवार की समस्‍याओं के चलते पहले मैं अपनी स्‍कूली शिक्षा जारी नहीं रख पाई और मजबूरन घर का कामकाज शुरू करना पड़ा. मगर अब मेरी इच्‍छा 10वीं की पढ़ाई पूरी करने की है.

प्रतिभावान खिलाड़ियों की तलाश
वीएन सिंह ने ‘भाषा’ से कहा, ‘हम तो ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों की तलाश में लगे रहते हैं और अगर लड़की में इस तरह की क्षमता है तो हम उसे जरूर मौका देंगे. आगे उसे ट्रेनिंग और कोचिंग शिविर में डाल सकते हैं. उससे पहले हालांकि हम उसको परखेंगे. अगर वह हमारे मापदंड पर खरी उतरती है तो उसकी पूरी सहायता करेंगे. विदेशों से आयात की गई साइकिल पर उसे ट्रेनिंग कराएंगे.’

लॉकडाउन के बाद ज्योति को ट्रायल का मौका देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैंने उससे बात की थी और उसे बता दिया है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब भी मौका मिलेगा वह दिल्ली आए और उसका इंदिरा गांधी स्टेडियम में हम उसका छोटा सा टेस्ट लेंगे. हमारे पास वाटबाइक होती है जो स्थिर बाइक है. इस पर बच्चे को बैठाकर चार-पांच मिनट का टेस्ट किया जाता है. इससे पता चल जाता है कि खिलाड़ी और उसके पैरों में कितनी क्षमता है. वह अगर इतनी दूर साइकिल चलाकर गई है तो निश्चित तौर पर उसमें क्षमता है.’

Sources:-News18

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