अभी-अभीः अब बिहार का हुआ पाटलिपुत्र अशोक होटल, केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में दी मंजूरी

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पटना: अभी अभी एक बड़ी खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक पटना स्थित पाटलिपुत्र अशोक होटल की देख रेख अब राज्य सरकार करेगी। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग गई है। अब तक इस होटल की देखरेख केंद्रीय सरकार के हाथ में था। केंद्र सरकार के हवाले ही यह होटल थी। कैबिनेट से मिली मजबूरी के बाद अब यह होटल राज्य सरकार को सौंप दिया गया है। दीघा-आर-ब्लॉक रेललाइन की 71 एकड़ जमीन की सौगात के बाद बिहार को यह दूसरी सौगात है।

केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी को बाद आईटीडीसी के होटल पाटलिपुत्र अशोक की डेढ़ एकड़ जमीन सहित भवन बिहार सरकार को मिल गया है। जमीन और भवन हस्तांतरित होने के बाद अब बिहार सरकार इस पर फैसला करेगी कि वह स्वयं या पीपीपी मोड में किस तरह से इसका संचालन किया जाए। इसकी देखरेख कैसे की जाए। 

आपको बता कि 19 जून को दिल्ली में आईटीडीसी की प्रबंध निदेशक रश्मि वर्मा और बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव रवि परमार के बीच होटल को पुनर्मूल्यांकन लागत मूल्य 13 करोड़ में बिहार सरकार को सौंपने पर सहमति बनी थी। पहले जमीन सहित होटल का मूल्यांकन 28.5 करोड़ किया गया था। बिहार सरकार की ओर से आईटीडीसी को स्मरण दिलाया गया कि जमीन तो नि:शुल्क लीज पर दी गई है।

गौरतलब है कि 26 मई, 1973 को बिहार सरकार के राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने पटना के प्राइम लोकेशन पर भारत सरकार के पर्यटन विभाग को नि:शुल्क डेढ़ एकड़ जमीन विभिन्न शर्तों के अधीन लीज पर दी थी। शर्त में यह भी शामिल था कि राज्य सरकार कभी भी तीन महीने की नोटिस देकर जमीन वापस ले सकती है। भारत सरकार आईटीडीसी के अंतर्गत संचालित विभिन्न होटलों का विनिवेश करने जा रही है जिसमें पटना का होटल पाटलिपुत्र अशोक भी शामिल है। आर-ब्लॉक-दीघा रेललाइन की जमीन के बाद यह दूसरी महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है जो शीघ्र ही भारत सरकार से बिहार को हस्तांतरित होने वाली है।

Source: Live Bihar

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