सोशल मीडिया पर कैबिनेट विस्तार के बाद छाया JNU- JDU

राष्ट्रीय खबरें

मोदी कैबिनेट विस्तार के बाद स्पष्ट हो चुका है कि पीएम मोदी ने किन किन मंत्रियों पर विश्वास दिखाया। अपने आप को साबित करने के लिए कसी सांसद को मंत्रीमंडल में परमोशन दिया गया तो किसी को नया मौका। लेकिन इस सबके इतर सोशल मीडिया पर मंत्रीमंडल विस्तार के बाद JNU और JDU का मुद्दा छाया रहा।

कोई जेडीयू को ठगा महसूस करने की बात कर रहा है तो कोई जेएनयू पर लग रहे प्रश्न चिह्न पर जवाब दे रहा है।

सोशल साइट फेसबुक पर Priyabhanshu Ranjan लिखते हैं कि देख लो भक्तों, तुम्हारे मोदी की टीम में टैलेंट का ऐसा अकाल है कि ‘देशद्रोही’ जेएनयू की स्टूडेंट रहीं निर्मला सीतारमण को देश का रक्षा मंत्री बनाया गया है। और हां, मोदी जी की ‘प्रिय’ संस्था नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत भी ‘देशद्रोही’ यानी जेएनयू के स्टूडेंट रहे हैं।

डोकलाम मुद्दे पर चीन को कूटनीतिक तौर पर ‘परास्त’ (तुम्हारी भाषा) करने में अहम भूमिका निभाने वाले विदेश सचिव एस. जयशंकर भी जेएनयू के ही पास-आउट हैं। तुम्हारे ‘आराध्य देव’ मोदी जी को जेएनयू वालों से इतनी मोहब्बत है, फिर भी पता नहीं क्यों तुम उनसे बेकार की नफरत करते हो। ये सब पढ़ कर ‘ब्लड प्रेशर’ हाई हो गया हो तो फेसबुक बंद करके थोड़ा पानी पी लो!!! 😉
2019 मिशन को ध्यान में रखते हुए BJP केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार हो गया, लेकिन इसमें JDU को जगह नहीं मिली. Lalu Prasad Yadav ने इसको लेकर नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार से भोज कैंसिल करने का बदला लिया.

कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ:

सबसे पहले कैबिनेट मंत्री के रूप में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शपथ ली।
बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में ली शपथ।
इन नए चेहरों ने ली राज्य मंत्रियों के रूप में शपथ

नए मंत्रियों में सबसे पहले शिव प्रताप शुक्ल ने शपथ ली। जिसके बाद अश्विनी कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार, डॉ. वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शिव प्रताप शुक्ल : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य। आठ वर्षो तक राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे।

अश्विनी कुमार चौबे : बिहार के बक्सर से लोकसभा सदस्य। राज्य सरकार में आठ वर्षो तक मंत्री रहे। जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत।

राजकुमार सिंह : 1975 बैच के पूर्व आइएएस अधिकारी। बिहार के आरा से लोकसभा में। केंद्रीय गृह सचिव और रक्षा उत्पादन सचिव रहे हैं।

वीरेंद्र कुमार : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद। दलित नेता कुमार छह बार सांसद और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं।

अनंत कुमार हेगड़े : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से लोकसभा में। 28 साल की उम्र में पहली बार सांसद बनने के बाद लोकसभा में यह पांचवीं पारी है।

हरदीप सिंह पुरी : 1974 बैच के आइएफएस अधिकारी। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों में भारत के राजदूत रहे। हिंदू कॉलेज, दिल्ली में पढ़ाई के समय जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं।

गजेंद्र सिंह शेखावत : जोधपुर, राजस्थान से लोकसभा सदस्य। टेक्नो-सैवी और प्रगतिशील किसान माने जाते हैं। बास्केट बॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।

सत्यपाल सिंह : उत्तर प्रदेश के बागपत से अजीत सिंह को हराकर सांसद बने। 1980 बैच के आइपीएस अधिकारी सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं।

अल्फोंस कन्ननथनम : 1979 बैच के आइएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता। 1989 में उनके डीएम रहते कोट्टायम सौ फीसद साक्षरता वाला देश का पहला शहर बना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.