झारखंड के बाद अब यूपी का माफिया चढ़ गया बिहार पुलिस के हत्‍थे, बिहार में करता था गंदा काम

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 बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में छापेमारी कर बिहार में अवैध शराब की आपूर्ति करने वाले तस्कर सचिन कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। सचिन गोरखपुर में बासगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत हरदोई गांव का मूल निवासी है। वह हरियाणा के बहादुरगढ़ में रहकर शराब का कारोबार कर रहा था। मद्य निषेध इकाई के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद से ही सचिन उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अवैध शराब कारोबारियों के साथ मिलकर ट्रकों से बड़े पैमाने पर अवैध शराब की खेप बिहार भेज रहा था।

पिछले साल पकड़ा गया था ट्रक 

अधिकारी के अनुसार सचिन पांडेय द्वारा पिछले साल जून में भेजा गया ट्रक जब्त हुआ। उस पर दो हजार लीटर विदेशी शराब लदी थी। ट्रक ड्राइवर दीपक सिंह को गिरफ्तार किया गया था, तो उसने सचिन का नाम शराब आपूर्तिकर्ता के रूप में बताया था। उसके बाद सचिन की तलाश शुरू हुई। गुरुवार को गोरखपुर में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और बिहार लाया गया है। पुलिस और मद्य निषेध की टीम उससे पूछताछ कर रही है। इस साल बिहार के बाहर से शराब तस्करों की यह 15वीं गिरफ्तारी है।

बोकारो से पकड़ा गया था बड़ा माफिया 

 

बता दें कि तीन दिन पहले बिहार पुलिस ने झारखंड के बोकारो में विदेशी शराब की फैक्‍ट्री चलाने वाले माफिया अनिल सिंह को गिरफ्तार किया था। उसे बुधवार की देर शाम विमान से पटना लाया गया।  पुलिस के अनुसार, अनिल सिंह बोकारो के को-आपरेटिव कालोनी का रहने वाला है। बोकारा के बालीडीह थाना अंतर्गत बियाडा औद्योगिक क्षेत्र में उसकी श्रीओम बाटल्र्स एंड ब्लेंडर्स नाम से विदेशी शराब की फैक्ट्री है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से ही अनिल सिंह झारखंड के अवैध शराब कारोबारियों का सिंडिकेट बनाकर बिहार के कई जिलों में अवैध शराब की आपूर्ति कर रहा था। उस पर नवगछिया के खरीक, पटना के अगमकुआं, जमुई के मलयपुर, बांका के बौंसी और मुजफ्फरपुर सदर थाने में उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज है। इसके अलावा झारखंड के बोकारा के बालीडीह और गिरीडीह के बगोदर थाने में उस पर प्राथमिकी है। इन सभी मामलों में वह फरार था।

बिना बैच के मिली थी सवा लाख लीटर नकली विदेशी शराब

पिछले साल अप्रैल माह में बिहार पुलिस ने अवैध शराब तस्करी को लेकर बोकारा पुलिस की मदद से अनिल सिंह की विदेशी शराब फैक्ट्री पर छापेमारी की थी। इसमें फैक्ट्री में बिना बैच नंबर के लगभग सवा लाख लीटर नकली विदेशी शराब जब्त की गई थी। इसको लेकर शराब फैक्ट्री को सील करते हुए बोकारो के बालीडीह थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। बाद में अनिल सिंह ने फैक्ट्री को सीलमुक्त करा लिया और फिर से बिहार में अवैध ब्रांडेंड शराब की आपूर्ति करने लगा।

मद्य निषेध इकाई की पूछताछ में अनिल सिंह ने बिहार, झारखंड और दिल्ली के अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े कई तस्करों के नाम उगले हैं। उसके द्वारा कई अन्य संदिग्ध कंपनियों व फैक्ट्रियों के संचालन की जानकारी भी पुलिस को मिली है। उसकी निशानदेही के आधार पर आने वाले दिनों में राज्य के अंदर और बाहर अन्य शराब तस्करों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। मद्य निषेध इकाई की इस साल राज्य से बाहर यह 14वीं गिरफ्तारी है।

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