जीवन भर मंत्री रहना बने ठीक नहीं, पटना पहुंचते ही विनोद तावड़े ने नीतीश को दिया मास्टर झटका

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बिहार भाजपा के प्रभारी बनने के बाद पहली बार पटना पहुंचे और पहली बार किसी सभा को संबोधित करते हुए ‘मोदी20 सपने हुए साकार’ के लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि विनोद तावड़े ने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने राजनीति को पुनर्भाषित किया है। हमें सिखा दिया है कि जीवनभर मंत्री बने नहीं रहना है। संगठन जो काम सौंपे उसे पूरे लगन से करना है। परिवारवाद जैसे विषय को खत्म किया। विपक्षी दलों की तरह तुष्टिकरण की राजनीति नहीं की, सर्वसमाज के विकास के लिए काम किया। बीजेपी प्रभारी ने पटना पहुंचते ही सीएम नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल पर कटाक्ष किया।

उन्होंने कहा कि स्मृति दीदी की अंगुली पकड़कर बिहार में प्रवेश किया। इन्होंने अमेठी में राहुल गांधी को हराने का पराक्रम किया है। ऐसे में बिहार भाजपा ने जो ठाना है, वह भी पूरा होगा। बिहार की जनता सरकार बदलने के लिए भाजपा नेताओं की ओर देख रही है। हमें यह संकल्प लेना होगा। नरेंद्र मोदी जब पहली बार 2013 में बिहार आए थे तो पूरा बिहार उन्हें समर्थन करने के लिए तैयार था। तब भी यही सरकार थी जो आज है। इसी सरकार में गांधी मैदान में बम ब्लास्ट हुए थे। आज बेगूसराय में क्या हो रहा है। हम इस सरकार को बदलने के लिए काम करेंगे।

संकल्प से सबकुछ बदल जाता है

तावड़े ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री आम जनता की शक्ति को पहचानते हैं। दुनिया में भारत का नाम बढ़ाने का काम कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि यह एक पुस्तक नहीं जीवित दस्तावेज है। विशिष्ट अतिथि नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह संकल्प लेने का समय है। जब हम संकल्प लेते हैं तो सबकुछ बदल जाता है। किसने विकास को अवरुद्ध किया अब चर्चा इसपर होगी। प्रस्तावना पद्मश्री विमल जैन ने रखा जबकि संचालन पूर्व एमएलसी किरण घई ने किया। मंच पर नागेन्द्र जी, गिरिराज सिंह, अश्विनी चौबे, हरीश द्विवेदी, सुशील कुमार मोदी, ऋतुराज सिन्हा, रविशंकर प्रसाद, नंदकिशोर यादव, संजीव चौरसिया, नितिन नवीन, अरुण सिन्हा, शाहनवाज हुसैन, रामकृपाल यादव, गोपाल नारायण सिंह, सुरेश रूंगटा थे।

बम फटा गांधी मैदान में सत्ता छूटी उन दलों के हाथ से स्मृति

स्मृति ईरानी ने 2013 में पटना के गांधी मैदान बम ब्लास्ट को लेकर बिहार की सरकार पर निशाना साधा। कहा कि मकसद था कैसे जनता के बीच खौफ पैदा हो। ऐसा माहौल बनाया गया कि कैसे नेतृत्व पर टिप्पणियां हों। दरअसल खौफ जनता को नहीं, उन राजनीतिक दलों को है जिन्होंने जनता को विकास से दूर किया है। बम फटा था गांधी मैदान में, सत्ता छूटी थी उन (तत्कालीन) राजनीतिक दलों के हाथ से। ईरानी ने कहा मोदी जी पर प्रकाशित यह किताब न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता पढ़ेंगे, बल्कि विरोधी भी इसके पन्ने जरूर पलटेंगे।

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