महाभारत काल यानी द्वापर युग में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं और उन्होंने मथुरा में कंस के कारागर में देवकी के गर्भ से जन्म लिया था। तभी से इस तिथि पर जन्माष्टमी मनाई जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस साल स्मार्त संप्रदाय के मंदिरों में 23 अगस्त को और वैष्णव संप्रदाय के मंदिरों में 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन राशि अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जा सकती है।

  • मेष राशि – इस राशि के लोग श्रीकृष्ण को दूध-बादाम का भोग लगाएं।
  • वृषभ राशि – वृषभ राशि वाले श्रीकृष्ण को मिश्री और पंजीरी का भोग लगाएं।
  • मिथुन राशि – इन लोगों को श्रीगोपाल सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
  • कर्क राशि – ये लोग वासुदेव, नारायण-नारायण, राधे-राधे या हरि नाम का 108 बार जाप करें।
  • सिंह राशि – सिंह राशि के लोग जन्माष्टमी पर विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।
  • कन्या राशि – इस राशि के लोग श्रीकृष्ण को सफेद वस्त्र अर्पित करें।
  • तुला राशि – श्रीकृष्ण को तुलसी पत्र एवं दही का भोग लगाएं।
  • वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि के लोग श्रीकृष्ण को सफेद फूल और शहद अर्पित करें।
  • धनु राशि – श्रीकृष्ण को पीले कनेर के फूल चढ़ाएं और फलों का भोग लगाएं।
  • मकर राशि – ये लोग श्रीकृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं।
  • कुंभ राशि – कुंभ राशि के लोग श्रीकृष्ण को दूध से बनी मिठाई चढ़ाएं और कर्पूर जलाकर  आरती करें।
  • मीन राशि – श्रीकृष्ण को केशर मिश्रित दूध अर्पित करें। दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेकर करें।

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