जमीन खरीदने में पटना और मुजफ्फरपुर के बाद मोतिहारी के लोग आगे, भागलपुर और गया इसके बाद

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कोरोना के दौर में भी राज्य में जमीन और मकान का बाजार आसमान छू रहा है। मार्च में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में जमीन-फ्लैट और अन्य दस्तावेजों के निबंधन से राज्य सरकार को रिकार्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। निबंधन विभाग ने पांच हजार करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध रिकार्ड 5215 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है। यह निबंधन से अब तक का सर्वाधिक राजस्व है।

वर्ष 2020-21 से तुलना करें तो करीब 950 करोड़ रुपये अधिक राजस्व इस साल हासिल किया गया है। इस दौरान 12 लाख से अधिक दस्तावेजों का निबंधन किया गया। इसके साथ ही निबंधन विभाग का अगला लक्ष्य 5500 करोड़ निर्धारित कर दिया है।

26 जिलों में लक्ष्य से अधिक राजस्व

निबंधन विभाग के जिलावार आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के 38 में से 26 जिलों ने 100 प्रतिशत से अधिक राजस्व हासिल किया। इसमें शेखपुरा ने सर्वाधिक 162 प्रतिशत, जमुई ने 116 प्रतिशत और खगडिय़ा ने 113 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया।

 

सिर्फ पटना से 1051 करोड़ का राजस्व 

अगर राशि के हिसाब से देखें तो पटना जिला सबसे आगे रहा। पटना ने 988 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 1051 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व दिया। यहां रिकार्ड 97,330 दस्तावेजों का निबंधन किया गया। मुजफ्फरपुर ने 282 करोड़ के राजस्व लक्ष्य के विरुद्ध 285 करोड़ जबकि मोतिहारी ने 242 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 248 करोड़ का निबंधन राजस्व हासिल किया है। भागलपुर ने 193.95 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध  210 करोड़ का राजस्व हासिल किया।

  • 5215 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ वर्ष 2021-22 में
  • 5500 करोड़ का राजस्व लक्ष्य रखा गया है वर्ष 2022-23 में
  • 12.06 लाख दस्तावेजों का किया गया निबंधन एक साल में

 

गया, जहानाबाद व मधेपुरा सबसे पीछे

रिकार्ड राजस्व प्राप्त करने के बावजूद एक दर्जन जिले ऐसे रहे जहां लक्ष्य से कम वसूली हो सकी। इसमें गया, जहानाबाद और मधेपुरा जिले का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। गया ने 214 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 193 करोड़ यानी 89 प्रतिशत ही लक्ष्य हासिल किया। वहीं जहानाबाद व मधेपुरा जिला भी 90 प्रतिशत ही लक्ष्य हासिल कर सका।

इस तरह बढ़ा राजस्व (राशि करोड़ में)

  • वित्तीय वर्ष      लक्ष्य     प्राप्ति
  • 2017-18     4600     3823
  • 2018-19     4700     4440
  • 2019-20     4700     4647
  • 2020-21     4700     4257
  • 2021-22     5000     5215
  • 2020-21 में कोरोना के कारण राजस्व में कमी दर्ज।

राजस्व देने वाले टाप-5 जिला 

  • जिला         प्राप्ति
  • पटना         1051
  • मुजफ्फरपुर    285
  • मोतिहारी      248
  • भागलपुर     210
  • गया          193
  • राशि करोड़ रुपये में

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