इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें सीजन में मुंबई इंडियंस के लिए फायदे का सौदा रहा ईशान किशन को जोड़ना. एक युवा विकेटकीपर और आक्रामक बल्लेबाज होने के नाते किशन ने रोहित शर्मा को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने में काफी ऑप्शन मिले.

 

इशान ने टीम के लिए बतौर ओपनर बल्लेबजी की तो कभी मिडिल ऑर्डर में भी. मुंबई ने उन्हें 5.5 करोड़ में अपने साथ जोड़ा.

कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 21 गेंद पर 62 रनों की धमाकेदार पारी की बदौलत उन्होंने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. सीजन में उन्होंने कुल 14 पारी में 22.91 की औसत से 275 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 138 के करीब रहा.

आईपीएल के साथ घरेलू क्रिकेट में अच्छी बल्लेबाजी के बाद किशन को भरोसा था कि उन्हें इंग्लैंड दौरे पर इंडिया ए में जगह मिलेगी. लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में जगह नहीं दी. 19 साल के किशन इससे निराश हैं.

 

उन्होंने कहा, “यह दर्द देता है, क्योंकि मैंने सोचा था, कि मैं इंडिया ए टीम में जगह बना लूंगा. मैंने विजय हजारे ट्रॉफी और आईपीएल में अच्छे रन बनाए थे. लेकिन ठीक है अगर चयनकर्ता ऐसा नहीं सोचते हैं तो. मैं इसमें मदद नहीं कर सकता. मैं सिर्फ अपने खेल को अगले स्तर पर ले जा सकता हूं और मेरा ध्यान उसी पर है.”

2016 के विश्वकप फाइनल में क्वालीफाई करने वाली भारत अंडर-19 टीम के कप्तान किशन ने कहा कि उन्हें 100 प्रतिशत यकीन है कि वो एक दिन भारतीय टीम से खेलेंगे. आपको बता दें कि किशन ने इस साल विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 78.25 की औसत से पांच पारियों में 313 रन बनाए थे.

उन्होंने फर्स्टपोस्ट से बात करते हुए कहा कि बाएं हाथ के बल्लेबाज की तरह मेरा लेग साइड अच्छा है लेकिन मैं अब मिड ऑफ और कवर पर काम करना चाहता हूं.

 

 

आईपीएल के दौरान किशन और धोनी की एक तस्वीर भी वायरल हुई थी जिसमें धोनी उन्हें कुछ समझाते हुए दिख रहे थे. इन बातों को लेकर किशन ने कहा, “मैंने अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग को लेकर माही भाई से बात करता हूं. एक बार जब मैं प्रदर्शन करता हूं, तो बाद में आराम करता हूँ. लेकिन उन्होंने मुझे कहा, कि अच्छे प्रदर्शन के बाद आराम की बजाय ज्यादा मेहनत करो.”