इस जिले में नए साल से शुरू होगा जन्मजात दिव्यांग बच्चों का अस्पताल, मिलेंगी ये सुविधाएं, सिविल सर्जन ने लिखा पत्र

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दो साल से मायागंज अस्पताल परिसर में तैयार हो चुके डिस्ट्रिक अर्ली इन्वेंशन सेंटर को नये साल में मरीजों को समर्पित कर दिया जाएगा। इसे लेकर सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने मायागंज अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि वे अब इस सेंटर को शुरू करना चाहते हैं। ऐसे में इस सेंटर को पूरी तरह से खाली कर उनके हवाले किया जाये।

अगर ऐसा होता है तो इस सेंटर में एक ही छत के नीचे गूंगे-बहरे, मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर नवजात व बच्चों का बेहतर इलाज हो सकेगा। इसे लेकर मायागंज अस्पताल के पीजी शिशु रोग विभाग के पूरब में करीब सवा करोड़ की लागत से बने इस डिस्ट्रिक अर्ली इन्वेंशन सेंटर (डीइआईसी) में आज की तारीख में कोरोना का टीका लगाया जाता है।

 

सिविल सर्जन ने कहा कि इस भवन के मिलते ही यहां पर बने ओपीडी में कान, नाक व गला रोग, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट व ऑडियोलॉजिस्ट की तैनाती रहेगी। इसके अलावा बच्चों की देखभाल के लिए यहां पर 30 नर्सों की तैनाती होगी। 

 

करीब पांच हजार वर्गफीट में बने इस सेंटर के ओपीडी रूम में बहरेपन, गूंगापन, मानसिक-शारीरिक अपंगता व विक्षिप्तता के शिकार बच्चों का इलाज होगा। यहां पर केवल ओपीडी स्तर की सेवाएं मिलेंगी, न की भर्ती की सुविधा। 

 

अभी इस तरह के मरीजों का अलग-अलग ओपीडी में होता है इलाज

अभी नाक, कान व गला, मनोरोग के शिकार बच्चे हर रोज मायागंज अस्पताल में करीब 15 से 20 की संख्या में आते हैं, जिनका अलग-अलग ओपीडी यानी ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, फिजियोथेरेपी सेंटर आदि में जांच-इलाज होता है। इस सेंटर के शुरू हो जाने से एक ही छत के नीचे इन बच्चों का इलाज हो सकेगा। गौरतलब है कि मायागंज अस्पताल में हर रोज औसतन 10 से 12 बच्चे रोजाना इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में आते हैं और अलग-अलग परेशानी को लेकर अलग-अलग विभागों एवं ओपीडी तक की दौड़ लगाते हैं।

भागलपुर के सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने कहा, ‘तीन से चार दिन पहले ही मायागंज अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर कहा गया है कि डीइआईसी को उनके हवाले कर दिया जाये। अपने हाथ में आते ही तत्काल ही इसमें जरूरी चिकित्सकों एवं स्टाफ की तैनाती की जाएगी, ताकि इसे नये साल में शुरू कर मरीजों को समर्पित किया जा सके।’

 

मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने कहा, ‘पत्र मिलने की जानकारी हमें नहीं है। डिस्ट्रिक अर्ली इन्वेंशन सेंटर को जल्द ही खाली कराके उसे स्वास्थ्य विभाग भागलपुर को सौंप दिया जाएगा।’

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