कभी पढ़ाई में थे जीरो, बिहारियों की गैंग ने उन्हें IPS बनाया, IIT में रही क्लासमेट से की थी शादी

प्रेरणादायक

साल 2001 बैच के बिहार कैडर के IPS अफसर शालिन अब NSG में DIG की जिम्मेदारी संभाल रहे। बता दें कि शालिन कभी पढ़ाई में कमजोर थे। IIT रूड़की में पढ़ाई के दौरान 34 स्टूडेंट्स में से उनका रैंक 33वां था। यहां पढ़ाई के बाद उन्होंने प्राइवेट जॉब छोड़ दी थी और फिर दोस्तों के कहने पर जॉब छोड़ सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी।

पंजाब के रहने वाले शालिन ने बताया था कि बिहारियों की गैंग ने उन्हें IPS बना दिया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में वे औसत दर्जे स्टूडेंट थे। इसलिए वे दूसरे स्टूडेंट्स के साथ खुद को असहज महसूस करते थे। शालिन ने बताया था कि रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज में दिल्ली के छात्रों पर सबकी नजरें रहती थी।

वे अच्छे कपड़े पहनते थे, पढ़ाई और खेल में भी तेज थे। वे भी उनके साथ उठना-बैठना चाहते थे। इस दौरान उनकी दोस्ती कुछ बिहारी लड़कों से हुई। शालिन को इनके साथ बैठना अच्छा लगता था। उन्होंने बताया कि उनका ज्यादा समय इन लड़कों के साथ बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या फिर कॉलेज के गेट पर गुजरता था।

उन्होंने बताया था कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने प्राइवेट नौकरी शुरू की। एक साल तक वे कंपनी में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर काम करते रहे। इसी दौरान उनके बिहारी दोस्तों ने अपनी कैंपस से मिली नौकरी छोड़ दी और सभी सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी में जुट गए।

शालिन के सभी दोस्तों ने उनसे भी नौकरी छोड़ सिविल सर्विसेज की तैयार को कहा। इसके बाद शालिन ने जॉब छोड़ दी और तैयारी में जुट गए। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनके कई दोस्तों ने काफी हेल्प की। वे पढ़ाई में जुटे रहे और आखिरकार सिविल सर्विसेज का एग्जाम उन्होंने पास कर लिया। पूरे देश में उन्हें 34वां रैंक मिला।

शालिन ने बताया कि वे रूड़की में एडमिशन से पहले IIT कानपुर में AERO SPACE की पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन लोगों ने कहा कि इसका कोई कैरियर नहीं है। फिर उन्होंने रूड़की में एडमिशन करवाया था। यहां उनकी क्लास में एक लड़की थी जो बाद में उनकी पत्नी बनी।

Shaheen

उन्होंने बताया कि हालांकि मैं पढ़ाई में पीछे था लेकिन उनकी वाइफ हमेशा वन, टू या थ्री रैंक में रहा करती थी। शालिन ने बताया कि उनके तीन बच्चे (दो उनके और भतीजे को गोद लिया है।) हैं। बता दें कि शालिन साल 2008 से 2014 तक पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के आंतरिक सुरक्षा घेरे के इंचार्ज थे।

एसपीजी से वापस बिहार आने के बाद पहले उन्हें गया के डीआईजी फिर पटना के सेंट्रल रेंज की जिम्मेदारी मिली थी।

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