बिहार का एक आईपीएस-कुंदन कृष्णन, जिसका नाम सुनते ही बिहार के अंडरवर्ल्ड कांप उठता है

एक बिहारी सब पर भारी

बिना हनक ‘स्ट्रिक्ट पुलिसिंग’ संभव नहीं है . तो बस जान लें कि बिहार के अंडरवर्ल्ड में IPS कुंदन कृष्णन का नाम सामने आया नहीं कि बड़े-बड़े तीसमार खां की पतलून गीली हो जाती है . कुंदन कृष्णन अभी बिहार के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में IG के पद पर तैनात हैं . लगातार ऑपरेशन करते रहते हैं .

2016 के बेहद चर्चित दरभंगा इंजीनियर्स मर्डर केस का शार्प शूटर (बिहार का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल) मुकेश पाठक ने जब अपने को नेपाल-गुजरात में बेहद सुरक्षित मान लिया था,तब कुंदन कृष्णन ने इसे ऐसा छकाया कि झारखंड आकर बिहार के #STF के हत्थे चढ़ गया . इस ऑपरेशन में #IPS शिवदीप लांडे का भी साथ था . बिहार के बाहुबली #MLA अनंत सिंह का हाल भी देख ही रहे हैं .

गिरफ्तारी के वक़्त कुंदन कृष्णन पटना के #IG थे . अभी-अभी इस अधिकारी ने झारखंड से बिहार में शराब भेजने वाले नेक्सस पर हथौड़ा मारना शुरु किया है .

कुंदन कृष्णन बिहार के अपराधियों के दुश्मन न.-1 हैं,यह पटना ने बहुत करीब से जाना है . देश-दुनिया में बिहार की इमेज पटना की सूरत से ही बनती-बिगड़ती है . जब बिहार में ‘जंगल राज’ है,का हल्ला पूरे देश में था,तब राष्ट्रपति शासन के वक़्त गवर्नर सरदार बूटा सिंह ने इन्हें पटना का #SSP बनाया था . उस वक़्त बिहार के #DGP आशीष रंजन सिन्हा थे .

पटना आने के पहले ही कुंदन कृष्णन छपरा के जेल में घुस रिमोट से बाहर तांडव कराने वाले क्रिमिनल्स को श्मशान घाट पहुंचा अपने फौलादी तेवर से बिहार भर में छा चुके थे . कुंदन बिहार के ही नालंदा जिले के रहने वाले हैं

गवर्नर रुल ख़त्म होने के बाद बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनी थी . चुनाव का मैंडेट बिहार का लॉ एंड आर्डर सुधारने का था . नीतीश ने भी तब इसे टॉप प्रायोरिटी पर रखा था . फिर क्या था . कुंदन कृष्णन पटना में SSP थे ही . एक्शन पहले से स्टार्ट था,अब सुपरफास्ट हो गया .

कभी बहुत पहले डॉ. अजय कुमार और आर एस भट्टी के SP(City) होने के वक़्त अंडरवर्ल्ड में मुठभेड़ और गंगा समाधि का जो खौफ था,वह बड़े रुप में फिर से वापस आ गया .

अंडरवर्ल्ड में कोहराम मच गया था . कोई इधर गिरा,कोई उधर गिरा (गंगा लाभ) की स्थिति ऐसी बनी कि कई बड़े नाम टेरर-लिस्ट से परमानेंट के लिए डिलीट हो गए .

पटना शांत हुआ तो कुंदन कृष्णन उन क्रिमिनल्स पर टूटे, जो क्राइम के बाद पटना को ठिकाना बना लेते थे . आगे दिल्ली में तलाश के लिए दिल्ली पुलिस के साथ मजबूत को- ऑर्डिनेशन बना.

 

रिजल्ट पटना के कई बड़े अपराधी दिल्ली में या तो ढेर हो गए अथवा कैद कर लिए गए . इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तो है ही आज के ज़माने में,पर जानकार कुंदन कृष्णन के बारे में ये 100 परसेंट ट्रूथ बताते हैं कि क्रिमिनल्स को पाताल से तलाशने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस का बिहार में सबसे स्ट्रांग नेटवर्क भी इनके पास है .

इसी कारण मुंह पर खरी-खरी बात करने के आदि कुंदन कृष्णन का रिकार्ड बड़ी अबूझ पहेली वाली वारदातों में भी #Dial0 के बूते शानदार रिजल्ट देने की रही है . बीच में वे सेंट्रल डेपुटेशन पर गये थे . कहा जाता है कि इस दौरान भी अपराधियों के दुश्मन न.-1 इस अधिकारी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गढ़ में बेमिसाल काम किया था .

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