स्टैंडअप कमेडियन कुणाल कामरा पर एयरलाइनों के प्रतिबंध की खबरों के बीच रेलवे ने भी बड़ा फैसला लेने के मन बनाया है। प्रस्ताव यह है कि विमान यात्रा के दौरान उपद्रव के दोषी प्रतिबंधित यात्रियों को ट्रेन का टिकट भी नहीं मिलेगा। यही नहीं, ट्रेन में उपद्रव या छेड़छाड़ के दोषी पाए गए यात्रियों को छह महीने तक यात्रा से प्रतिबंधित किया जा सकता है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड में प्रस्ताव तैयार हो चुका है जिस पर कभी भी मुहर लगाई जा सकती है।

ये प्रस्ताव मंगलवार को इंडिगो की मुंबई-लखनऊ फ्लाइट में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा टीवी एंकर अर्णव गोस्वामी के साथ की गई अभद्रता और वीडियो बनाने व ट्वीट करने के बाद उन पर एयरलाइनों द्वारा लगाए गए छह महीने के उड़ान प्रतिबंध (नो फ्लाई लिस्ट में शामिल) के बाद सामने आया है। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी के अनुसार ‘हम उन यात्रियों पर भी प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं जो ट्रेन के भीतर उत्पात, सह-यात्रियों और रेल कर्मचारियों के साथ बदतमीजी या किसी गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त पाए जाते हैं। ऐसे यात्रियों को छह महीने के लिए रेल यात्रा से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।’

अधिकारी ने कहा, ‘जिस तरह विमान यात्रियों द्वारा यात्रा के दौरान उपद्रव व क्रू मेंबर्स के साथ दु‌र्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही हैं तथा दूसरे यात्रियों की जान के लिए खतरा उत्पन्न किया जा रहा है उसे देखते हुए एयरलाइनों की तर्ज पर रेलवे भी अपने उपद्रवी यात्रियों पर कुछ महीनो के लिए यात्रा से प्रतिबंधित करने पर विचार कर रहा है। रेल यात्रा के लिए प्रतिबंधित लोगों में वे लोग भी शामिल होंगे जिन्हें एयरलाइनों की ओर से पहले उड़ान प्रतिबंधित सूची में डाला जा चुका होगा। ऐसे विमान यात्रियों को ट्रेन का टिकट भी नहीं मिलेगा। बदले में एअरलाइनों से भी यह आशा की जाएगी कि वह ट्रेन में प्रतिबंधित यात्रियों पर फ्लाइट में भी प्रतिबंध लगाएं।’

कुणाल कामरा प्रकरण पर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी नाराजगी जताई थी और ट्वीट के जरिए एयरलाइनों से उन पर उड़ान प्रतिबंध लगाने को कहा था। जिसके बाद इंडिगो ही नहीं, बल्कि एयर इंडिया, स्पाइसजेट तथा गो एयर ने भी कामरा पर उड़ान प्रतिबंध लागू करने का एलान कर दिया और साथ ही पुरी के ट्वीट को भी टैग कर दिया। एयरलाइनो के इस कदम का जहां ज्यादातर लोगों ने समर्थन किया वहीं कुछ विरोध के स्वर भी सुनाई पड़े हैं। विरोधियों का कहना है कि एयरलाइने यात्रियों के प्रति दोहरा मापदंड अपनाती हैं। इसी प्रकार का दु‌र्व्यवहार कभी एक टीवी रिपोर्टर ने राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ किया था। लेकिन तब रिपोर्टर पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था।

उपद्रवी विमान यात्रियों पर प्रतिबंध का फैसला सरकार ने 2017 में शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ के एयर इंडिया अधिकारी को विमान में चप्पल मारने के बाद किया था। इस घटना के बाद इस प्रकार के यात्रियों से निपटने के लिए बाकायदा नियम बनाए गए थे जिनमें यात्री के दु‌र्व्यवहार के स्तर के हिसाब से तीन माह, छह माह और दो वर्ष तक की प्रतिबंध की अवधि तय की गई थी।

विमान में खराब बर्ताव

-ज्यादा शराब पीना

-धूम्रपान करना

-पायलट, क्रू मेंबर्स के निर्देशों की अवहेलना

-किसी के भी साथ गालीगलौच, मारपीट, धमकी या जान का खतरा पैदा करना

रेलवे का प्रस्ताव

-एयरलाइनों द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची के आधार पर उन्हें रेलवे रिजर्वेशन डेटा बेस में पहचान कर प्रतिबंधित किया जाएगा।

-आधार, पैनकार्ड, डीएल समेत नौ प्रकार के पहचान पत्रों में किसी एक के आधार पर ट्रेन में उपद्रव के दोषी व प्रतिबंधित यात्री की पहचान कर उसे प्रतिबंध अवधि के दौरान रेलवे टिकट बुक करने से रोका जा सकता है।

Sources:-Dainik Jagran

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