आरक्षण के विरोध में कल होगा भारत बंद, लोगों से किया जा रहा है बंद को सफल बनाने का आग्रह

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पटना: कल एक बार फिर से आरक्षण के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया है। कई संस्थाओं ने विधिवत प्रशासनिक अधिकारियों को इसके बाबत सूचना दे दी गई है। उधर सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक दूसरे को मैसेज के माध्यम से इस बंद को सफल बनाने का आग्रह कर रहे हैं।

कल के बंदी पर पंकज प्रसून कहते हैं कि वो दिन दूर नहीं, जब सवर्णों के घर पैदा होने वाला बच्चा अपनी किस्मत को कोसेगा और यही कहेगा कि ना जाने किस पाप का फल भुगत रहा हूं। भले मानिए या ना मानिए या फिर ‘मौन’ ही रहिए लेकिन इस देश में सवर्ण होना भी किसी अभिशाप से कम नहीं है।

गरीबी-मजबूरी-बेरोजगारी-बेबसी-लाचारी-शोषण से किस समुदाय के लोग पीड़ित नहीं हैं? गलत चाहे कोई करे उसको सजा जरूर मिलनी चाहिए फिर वो सवर्ण करे या कोई और..देश के सभी नागरिकों को एक समान देखा जाना चाहिए।

समाजशास्त्र के विशेषज्ञ मित्रों से ये जानना चाहूंगा कि अपने देश में ‘जातिवाद’ कब और कैसे खत्म हो सकता है और उसके लिए किस तरह के प्रयासों को करने की आवश्यकता है। मौजूदा सरकार की नीतियों से तो यही लगता है कि अपने देश में ‘जातिवाद’ की खाई को और गहरा करने का काम चल रहा है। ‘वोट बैंक’ जो न कराए…

वहीं राजेश झा का कहना है कि घर से बाहर निकलो। मीटिंग करो। आपसी रंजिश को भूलो। गले मिलो। तुम्हारी संतति खतरे में है। कल सरेआम बेइज्जत किए जाएंगे तुम्हारे बच्चे। अगर आज न संभले। यह चुप्पी का खेल बहुत खतरनाक होता है भाइयों। क्या है कि बर्बादी धीमे से आती है! खतरा सामने खड़ा है और तुम मजे ले रहे हो। लम्बी गाड़ीयों में, बड़े से डाइनिंग हॉल में! घर से निकाल कर सड़कों पर तुम्हारी आरामपसंद जिंदगी के परखच्चे उड़ाए जाएंगे तब शायद कुंभगकर्णी नींद खुले।

इतिहास गवाह है जो दूसरों के भरोसे बैठते हैं उनकी नस्लें मिटा दी जाती हैं। कल उसकी हल्की झलक दिखी संसद में। जिनके नाम पर तुम अघाते हो उन्होंने तुम्हारा सौदा किया है। खुलेआम तुम्हें बेचा गया है। यह डर और स्वार्थ नहीं तो और क्या है कि भरी सभा-संसद में एक बेटा ऐसा नहीं हुआ जो इस सौदागिरी का विरोध करे। किसी ने उफ तक न किया! और यह समाज भी उदासीन है। छद्म आश्वश्ती के गीत गा रहा है! ऐसे प्रतिनिधियों का बहिष्कार करो अगर थोड़ी सी भी जान बाँकी है। अगर थोड़ा सा भी अपनी पीढ़ियों का रक्त शेष है। तैयारी शुरू करो। अभी भी खुद को संभाला जा सकता है नहीं तो आने वाले बच्चे रोएँगे हमारे नाम पर और हमारे काम पर। याद रखो जो आज नहीं संभलते उनका कल नहीं होता।

बताते चले कि एक बार फिर से आरक्षण को लेकर देश में सरकार के खिलाफ आरक्षित व अनारक्षित वर्ग का विरोध होना शुरू हो गया है। एससी एसटी एक्ट के लिए केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध अध्यादेश लाने के विरोध में इस बार तमाम सवर्ण संगठनों ने 9 अगस्त को भारत बन्द का एलान किया है। इस बाबत बिहार के कई जिलों में सवर्ण संगठनों ने भारत बंद को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।

भारत बंद में ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन, ब्रह्मर्षि विकास संस्थान एवं क्षत्रिय महासभा ने किया समर्थन का एलान किया है। इस बाबत दरभंगा जिले में सवर्ण संगठनों ने डीएम को ज्ञापन सौंप कर भारत बंद को लेकर जानकारी दे दी है।

इससे पहले एसएसी/एसटी एक्ट में संसोधन की संभावनाओ को देखते हुए दलित संगठनों के 10 अप्रैल को किये गये भारत बंद में कई जगहों से हिंसा की खबर सामने आई थी। इसका असर बिहार के विभिन्न हिस्सों में भी देखने को मिला था। बंद कर रहे आंदोलनकारियों ने कई जगह ट्रेन रोकी, तो कई जगहों पर बाजार बंद करवाकर जमकर बवाल काटा था।

Source: Live Bihar

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