भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में बुधवार को भारत को बड़ी जीत मिली है. नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्याय न्यायालय (आईसीजे) ने पाकिस्तान से जाधव की सजा पर पुनर्विचार के लिए कहा. जाधव को पाकिस्तान ने भारतीय जासूस बताते हुए मौत की सजा सुनाई हुई है. पाकिस्तान का कहना है कि वह आतंकी गतिविधि में शामिल थे. जबकि भारत ने इसे गलत बताते हुए इसके खिलाफ आईसीजे में अपील की जिसमें आज (बुधवार को) आईसीजे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, पाकिस्तान भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे.

1-इस फैसले में सबसे बड़ी बात रही कि इंटरनेशनल कोर्ट के 16 में से 15 जज भारत के पक्ष में रहे, जबकि पाकिस्तान के जज इस फैसले के विरोध में रहे.

2- आईसीजे ने अपने फैसले में कहा कि कोर्ट ने पाया कि पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से संपर्क करने और उन्हें हिरासत में रखकर उन्हें किसी से मिलने के और अपने कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए व्यवस्था करने के अधिकार से वंचित किया. पाकिस्तान ने इस तरह से कंसूलर रिलेशंस पर वियना कन्वेंशन के तहत दायित्वों का उल्लंघन किया है.

3- आईसीजे ने निर्देश जारी किया है कि कुलभूषण जाधव को भारतीय दूतावास से मदद मिलेगी और उन्हें वकील भी मुहैया कराया जाएगा. कोर्ट ने यह भी कहा है कि जाधव की फांसी की सज़ा पर तब तक रोक बरकरार रहेगी जब तक पाकिस्तान अपने फैसले की प्रभावी समीक्षा और पुर्नविचार नहीं कर लेता.

4- आईसीजे ने निर्देश जारी किया है कि कुलभूषण जाधव को भारतीय दूतावास से मदद मिलेगी और उन्हें वकील भी मुहैया कराया जाएगा.

5- कोर्ट के अध्यक्ष सोमालिया के जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने फैसला पढ़ा. उन्होंने 42 पन्नों के फैसले में कहा कि पाकिस्तान जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से अपने फैसले की समीक्षा और पुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी.

Sources:-Zee News

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