बिहार के लोग देशभर में बस इंजीनियरिंग और सिविल सर्विसेज में ही नहीं हैं। अगर देखा जाये तो देश की पत्रकारिता पर भी बिहारियों का एकक्षत्र राज है। बिहार के हर नागरिक में राजनीति उसके खून में है इसलिये कई युवा पत्रकारिता की ओर बढ़ते हैं। देश के पत्रकारिता संस्थानों में तो बिहार भरा ही पड़ा है लेकिन देश की पत्रकारिता के शीर्ष के सभी पत्रकार भी बिहारी हैं। देखिये कौन-कौन से पत्रकार बिहार से हैं :

पुण्य प्रसून वाजपेयी

पुण्य प्रसून वाजपेयी मीडिया जगत के एक बेहद अनुभवी और काबिल सख्शियत हैं। ये मूल रूप से बिहार के ही हैं। ये आज तक के एक वरिष्ठ न्यूज़ एंकर हैं। इन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का बीस साल से भी ज़्यादा का अनुभव है। इन्होंने जनसत्ता, लोकमत और जी न्यूज़ में भी काम किया है। पूण्य प्रसून वाजपेयी देश की जमीनी राजनीति पर अपनी मजबूत पकड़ के लिये ज़्यादा लोकप्रिय हैं। वाजपेयी आजतक के कार्यक्रम दस्तक रात दस बजे आते हैं। चुनाव या बजट के स्पेशल शो में भी वो प्रमुखता से नज़र आते हैं।

कादम्बिनी शर्मा

कादम्बिनी शर्मा ने खुद को मीडिया जगत की एक जानी मानी चेहरे के रूप में स्थापित किया है। कादम्बिनी एनडीटीवी इंडिया में न्यूज़ एंकर हैं। हालांकि वो टीवी पर बहुत कम और टीवी के पीछे ज़्यादा दिखती हैं। कादम्बिनी बिहार के ही मुंगेर जिले की रहनी वाली हैं। वो एनडीटीवी इंडिया में इंटरनेशनल एजेंडा, इंडिया 9 बजे और प्राइमटाइम शोज़ में न्यूज़ एंकर के रूप में आती रहती हैं। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान इन्होंने अपना स्पेशल शो मिशन 2014 किया था। चैनल में मुख्य रूप से वो अंतरराष्ट्रीय मामलों की संपादक हैं।
इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में अपना स्नातक और फ़िर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर किया है। अपने क्वालिफिकेशन और परिचर्चा में शानदार प्रस्तुतिकरण की वजह से ये हिंदी पत्रकारिता की बेहद काबिल पत्रकारों में से एक हैं।

रवीश कुमार

बेतुकी विमर्शों के दौर में जब पत्रकारिता दम तोड़ रही है, ऐसे में उसी दुनिया का एक शख्श अकेले ही पूरी पत्रकारिता की परिभाषा बदलते हुए नज़र आ रहा है। ये कोई और नहीं हमारे बिहार की गलियों से निकलकर भारत की टीवी पत्रकारिता और ब्लॉगिंग की दुनिया में सबसे नामी चेहरा बनकर उभरे रवीश कुमार हैं। रवीश मोतिहारी के रहने वाले हैं। आज की पत्रकारिता में विश्वसनीयता मतलब “रवीश” हो चुका है। रवीश की रिपोर्ट और प्राइमटाइम ने न जाने कितने युवाओं को रवीश बनने का सपना दिखाया है। रवीश प्राइमटाइम इंट्रो के पहले पाँच मिनट में जो समां बांधते हैं वो दर्शकों को अगले घंटे तक के लिये टीवी से चिपका देता है।

अंजना ओम कश्यप

अंजना ओम कश्यप मतलब टीवी पत्रकारिता की सबसे तीखी एंकर। अपने हाज़ीरजवाबी से डिबेट में कुतर्क कर रहे पैनल को कैसे लाइन पर लाया जाता है ये अंजना ओम कश्यप से बेहतर कोई नहीं जानता। अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन के कार्यक्रम आंखों देखी से करने वाली अंजना मूल रूप से आरा की रहने वाली हैं। इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा राँची से प्राप्त की है। जामिया मिलिया इस्लामिया के AJKMCRC से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्टार न्यूज़, न्यूज़ 24 और जी न्यूज़ के लिये भी काम किया है। अभी अंजना आज तक में सीनियर एडिटर हैं। इनके पति मंगेश कश्यप दिल्ली में सीनियर आईपीएस ऑफिसर हैं।

श्वेता सिंह

पटना की रहने वाली श्वेता सिंह मीडिया जगत में एक चर्चित नाम हैं। अपने संतुलित और बेबाक रिपोर्टिंग की वजह से वो एक अलग कतार में कड़ी दिखती हैं। आजतक की न्यूज़ एंकर श्वेता ने अपना स्नातक पटना वीमेंस कॉलेज से किया है। अपने स्नातक के प्रथम वर्ष से ही वो अंग्रेजी अखबारों के लिये लिखती रही। इसके बाद 1996 में वो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ी और आज टेलीविजन पत्रकारिता की एक बेहद लोकप्रिय न्यूज़ एंकर हैं। उन्हें बेस्ट टेलिविज़न एंकर और उनके एक शो सौरव का सिक्सर को बेस्ट स्पोर्ट्स शो का अवार्ड भी मिला था। अभी वो आज तक के प्राइमटाइम शो में खबरदार में आती हैं।

सुशांत सिन्हा

सुशांत सिन्हा इंडिया न्यूज़ में सीनियर एंकर हैं। सुशांत पटना के रहने वाले हैं और इन्होंने अपनी स्कूलिंग सेंट ज़ेवियर्स हाइस्कूल से की है। इन्होंने अपना स्नातक इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में किया है। सुशांत सिन्हा इंडिया न्यूज़ से पहले एनडीटीवी इंडिया में एंकर और समाचार संपादक थे। बीते दिनों अपने ब्लॉग में रवीश कुमार को बीमार और दोहरी मानसिकता वाला बताकर चर्चा में आये थे। एनडीटीवी ऑफिस में ये रवीश के जूनियर थे और उन्होंने अपने एनडीटीवी के अनुभव के बारे में बताते हुए रवीश की खूब आलोचना की थी।

 

 

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