पति और पत्नी के संबंधों मजबूती देने वाला करवा चौथ का व्रत गुरुवार को है, जिसके लिए तैयारियां हर सुहागन स्त्री कर रही है। सुहाग के मंगलकामना के लिए रखे जाने वाला य​​ह व्रत सरगी से ही प्रारंभ होता है। सास के हाथों सरगी का उपहार ग्रहण करने के बाद महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद ही पति के हाथों जल और भोजन ग्रहण करती हैं। इस पूरे व्रत में सरगी का बहुत महत्व है। यदि आप भी गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखने वाली हैं, तो आपको सरगी की थाली के बारे में जानना चाहिए।

सरगी की थाली क्या है?

सुहागिन महिलाएं या जिनकी इस वर्ष शादी होने वाली है, वे युवतियां करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठती हैं, सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच। इसके बाद सास से उपहार में उनको एक थाली में फल, मेवे, मिठाइयां आदि मिलती हैं, उसे ही सरगी की थाली कहते हैं। व्रती 3-4 बजे दैनिक क्रियाओं से निवृत होकर सरगी खाती हैं और पूरे दिनभर बिना अन्न जल ग्रहण किए व्रत रहती हैं। आप दिनभर तरोताजा रहें, इसके लिए सरगी की थाली में आपकी सेहत को सही रखने वाले खाद्य पदार्थ रहने जरूरी हैं।

सरगी की थाली में किन चीजों को शामिल करना है, जो आपके सेहत के लिए बेहतर हो, यह जानना जरूरी है। आइए जानते हैं कि किन चीजों के बिना सरगी की थाली अधूरी रहती है।

1. नारियल पानी: सरगी की थाली में नारियल पानी को जरूर शामिल करें। इसके सेवन से शरीर डिहाइड्रेट नहीं होगा। इसकी तासीर ठंडी होती है।

2. सेवइयां: सेवइयां सरगी में आवश्यक है क्योंकि यह पौष्टिक होती है। दूध, चीनी और ड्राई फ्रूट्स से मिलकर बनी सेवइयां आपको दिनभर ऊर्जावान बनाए रखेगी।

3. दूध और फेनी: व्रत प्रारंभ करने से पूर्व सरगी में दूध और फेनी को भी शामिल करें। दूध और फेनी के सेवन से आप दिनभर तरोताजा महसूस करेंगी। दूध एक प्रकार से संपूर्ण आहार माना जाता है।

4. मिठाइयां: व्रत से पूर्व सरगी में मिठाई का भी सेवन करें। मिठाई से आपके शरीर को शुगर मिलेगा, जो शरीर को एनर्जी देगा। जिन लोगों को शुगर या मधुमेह की शिकायत है, वे परहेज कर सकते हैं।

5. ताजे फल: सरगी में मौसमी फल को भी जगह दें। फल में फाइबर और पौष्टिक तत्वा पाए जाते हैं, जो आपकी सेहत को दिनभर सही रखेंगे।

6. ड्राई फूट्स: इन सबके अलावा आपको ड्राई फूट्स का भी सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से आप दिनभर एनर्जेटिक रहेंगी।

सरगी की थाली में ये भी है जरूरी

सरगी की थाली में कपड़े, आभूषण, श्रृंगार के सामान जैसे, चूड़ी, बिंदी, मेंहदी आदि भी रखते हैं। सरगी की थाली देते समय सास बहू को सादा सुहागन रहों का आशीर्वाद देती हैं। गहने और कपड़े बहू को सुहागन और सौभाग्य का अहसास कराने के लिए देते हैं। मेंहदी, चूड़ी, बिंदी सौभाग्य का प्रतीक हैं।

Sources:-Dainik Jagran

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