IGIMS और PMCH में बेड फुल, ब्रेन हैमरेज पीड़ितों की बढ़ी मुसीबत

जानकारी

ब्रेन हैमरेज से पीड़ित बिहटा के वीरेंद्र शर्मा को लेकर उनके परिजन मंगलवार की रात आईजीआईमएस इमरजेंसी में पहुंचे। वहां आईसीयू बेड खाली नहीं रहने से उनको दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। परिजनों ने पीएमसीएच में पता किया तो वहां भी बेड उपलब्ध नहीं था। इसके बाद वीरेंद्र शर्मा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दो सप्ताह पहले नवादा के मुकेश सारस्वत के पिता को भी ब्रेन हैमरेज का अटैक हुआ। वहां के स्थानीय अस्पताल से रेफर होकर वे पटना पहुंचे। अपने परिचित से आईजीआईएमएस और पीएमसीएच में बेड का जानकारी जुटाई। विवेक ने बताया कि दोनों अस्पतालों में जगह नहीं मिली। हालांकि, पीएमसीएच के टाटा वार्ड में उनके लिए इलाज सुलभ था, लेकिन बेड नहीं मिलने के कारण परिजन उन्हें बाइपास के निकट के एक निजी अस्पताल में ले गए। बड़ी मुश्किल से उनकी जान बच पाई है।

पटना के अस्पतालों के इमरजेंसी व आईसीयू में बेड की कमी गंभीर मरीजों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है। ठंड में ब्रेन हैमरेज, हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से यह कमी मरीजों की जान पर आफत बन जाती है। इमरजेंसी और आईसीयू में बेडों की सीमित संख्या होने के कारण पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में उन्हें भर्ती करने में मुश्किल होती है। आईजीआईएमएस में आईसीयू बेडों की संख्या 50 जबकि पीएमसीएच इमरजेंसी के कुल 100 बेडों में से आईसीयू बेडों की संख्या मात्र 14 है। आईजीआईएमएस के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि इमरजेंसी में आनेवाले 10 मरीजों में से सात ब्रेन हैमरेज से पीड़ित रह रहे हैं। जब से ठंड बढ़ी है गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इस कारण बेडों की कमी पड़ जा रही है।

 

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