कोरोना संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। लॉकडाउन चार में पहले की तरह अधिकांश सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस में राज्यों को कुछ छूट भी दी गई है। गाइडलाइन्स के मुताबिक, राज्यों की परस्पर सहमति से अंतरराज्यीय यात्री वाहनों, बस सेवाओं की आवाजाही को अनुमति दी जा सकती है।

साथ ही कहा गया है कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहां कोरोना वायरस संक्रमण के हालात को देखते हुए रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन बनाने का अधिकार दे दिया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकारें अब रेस्तरां से होम डिलीवरी की छूट देने पर फैसला ले सकती हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स में कहा गया है कि दो राज्यों के बीच परिवन सेवा या बस सर्विस शुरू करने का निर्णय दोनों राज्यों का सरकार ले सकती है। राज्यों के अंदर बस या परिवहन सेवा शुरू करने का फैसला संबिध राज्य या केंद्र शाषित प्रदेश के द्वारा लिया जा जा सकता है। 

कोरोना वायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार (17 मई) शाम को यह जानकारी दी। एनडीएमए ने कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया है। एनडीएमए की तरफ भारत सरकार/राज्य सरकार और राज्य अथॉरिटीज को लॉकडाउन बढ़ाने का निर्देश जारी कर दिया गया है।

वहीं, गृह मंत्रालय ने भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों के अंतर्गत प्रशासन के लिए कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए उपायों पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत मंगलवार (12 मई) को राष्ट्र के नाम संबोधन में ही स्पष्ट कर दिया था कि देश में 18 तारीख से पूर्णबंदी का चौथा चरण शुरू हो जाएगा और यह पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा। हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा था कि इस चरण में किसी चीज में और कितनी छूट दी जाएगी।

कोरोना महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में गत 25 मार्च से पूर्णबंदी लागू है और इसके तीन चरण पूरे हो चुके हैं। पहला चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल, दूसरा 15 अप्रैल से तीन मई और तीसरा चरण चार मई से 17 मई तक था।

Sources:-Hindustan

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