बिहार से सिक्किम-मणिपुर जाना होगा आसान, बन रहा देश का सबसे ऊंचा रेल पुल

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नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे द्वारा उत्तर पूर्व राज्यों के आठ में से पांच राज्यों को रेलमार्ग से जोड़ने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए 40 हजार करोड़ की लागत से 795 किलोमीटर लंबी परियोजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

इस परियोजना के तहत मणिपुर के नोने में देश के सबसे ऊंचे गार्डर रेल पुल का निर्माण होगा। इसमें मणिपुर, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम के बीच देश के सबसे लंबे टनल का भी निर्माण होगा।

इस परियोजना के पूर्ण होने से बिहार से किशनगंज के रास्ते एनजेपी के समीप से पांच राज्यों मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम व नगालैंड तक आवागमन में सहूलियत हो जाएगी।

इस सर्वाधिक ऊंचे रेल सेतु के बन जाने पर इन इलाकों से होकर रेल के जरिए सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण चीन की सीमा सहित म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं तक पहुंचने की हो जाएगी।

एनएफ रेलवे के मुख्य जन संपर्क पदाधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने बताया कि रेल मंत्रलय द्वारा स्वीकृत 40 हजार करोड़ की लागत से रेल परियोजना का कार्य मणिपुर के जीरीबाम में शुरू कर दिया गया है।

वर्ष 2020 तक इस परियोजना के पूरे होने के आसार व्यक्त किए गए हैं। इसके तहत मणिपुर नदी पर लगभग 350 मीटर ऊंचे रेल सह सड़क पुल का निर्माण किया जाएगा। यह डबल डेकर पुल देश के सबसे ऊंचा गर्डर रेल पुल होगा।

इसके अलावा एक 11 किलोमीटर लंबा टनल का भी निर्माण होगा, जो देश का सबसे लंबा टनल होगा। इसके अलावा भी एक दर्जन से अधिक छोटे-छोटे टनल बनाए जाएंगे।

इससे मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम व नगालैंड की राजधानियां रेलमार्ग से सीधे जुड़ जाएंगी। अब तक नॉर्थ ईस्ट के सिर्फ तीन राज्य अरुणाचल प्रदेश, असोम व त्रिपुरा ही रेलमार्ग से जुड़ पाए हैं।

इस संबंध में उत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के मुख्य अभियंता(दो) अशोक कुमार ने बताया कि यह पुल नदी में लगे 141 मीटर ऊंचे कई पीलरों पर टिका होगा। इस रेल ब्रिज पर से रेलगाड़ियां गुजरेंगी। यह समुद्र तल से 350 मीटर ऊंचा देश का सबसे ऊंचा गार्डर रेल पुल होगा।

जम्मू-कश्मीर स्थित चिनाब नदी पर बन रहा 359 मीटर ऊंचा रेल पुल आर्क ब्रिज है। इसमें पीलर नहीं लगे हुए हैं। वह आर्क ब्रिज दोनों छोरों पर स्तंभ के सहारे टिका हुआ है। उसमें सतह व छत होगी। सतह पर लगी रेल ट्रैक से होकर ट्रेनें गुजरेंगी।

रेल के जरिए सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन की सीमा सहित म्यांमार व बांग्लादेश की सीमाओं तक पहुंचने की हो जाएगी यह समुद्र तल से 350 मीटर ऊंचा देश का सबसे ऊंचा गार्डर रेल पुल होगा।

यह पुल नदी में लगे 141 मीटर ऊंचे कई पीलरों पर टिका होगा। इस गार्डर रेल ब्रिज पर से रेलगाड़ियां गुजरेंगी। 1अशोक कुमार, मुख्य अभियंता(दो) उत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण)

गृह मंत्रलय से एनओसी के बाद रेल मंत्रलय द्वारा इस परियोजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके पूर्ण होने पर नॉर्थ-ईस्ट के पांच राज्यों की राजधानियां रेलमार्ग से सीधी जुड़ जाएंगी। 2020 तक इस परियोजना के पूर्ण होने की संभावना है। प्रणव ज्योति शर्मा, सीपीआरओ एनएफ रेलवे

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