स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने भी जनसंख्या नियंत्रण में महिला-शिक्षा को बताया जरुरी

खबरें बिहार की

Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान को अब कई नेता मंत्री समर्थन दे रहे हैं , सीएम नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण पर कानून बनाने की जगह ज्यादा जरुरी महिलाओं को शिक्षित करना बताया था. इस बात पर अब बिहार के स्वस्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने भी अपनी सहमती जताई है. राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बिहार की लड़कियां अगर शिक्षित होंगी तो प्रजनन दर में अपने आप कमी आ जायेगी. बताते चले कि बीते 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस को लेकर बिहार में एक सप्ताह तक जागरुकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है , इसे ही लेकर एक कार्यक्रम में स्वास्थय मंत्री मंगल पांडे ने परिवार नियोजन पर अपनी बाते रखी.

उन्होंने कहा कि ऐसा देखा गया है कि महिलाएं शिक्षित हैं तो वहां फर्टिलिटी रेट कम है , इसलिए महिलाओं को शिक्षित बनाने के लिए कई तरह के स्कीम भी सर्कार द्वारा चलाये जा रहे हैं. इंटर पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 25 हजार और ग्रेजुएट होने वाली सभी लड़कियों को पचास हजार रूपये दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में इंटर पास लड़कियों की टोटल फर्टिलिटी रेट 1.7 है.

जबकि देश मे यह रेट 1.8 है. वहीँ ग्रेजुएट पास लड़कियों की टोटल फर्टिलिटी रेट बिहार में 1.6 है. जबकि देश में यह 1.7 है. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की साक्षरता दर 54 फीसदी के आस पास है जिसे बढाने के प्रयास मौजूदा सरकार कर रही है. इसके लिए यहाँ के सभी पंचायतों में उच्च विद्यालय खोला जा रहा है जिससे अधिक से अधिक संख्या में महिलाएं पढने जा सके.

इस दौरान उन्होंने परिवार नियोजन के लिए जागरूकता होने की बात को जरुरी बताया और कहा कि पति– पत्नी के बीच बच्चे पैदा करने को लेकर खुलकर बात होनी चाहिए. परिवार नियोजन के कार्यक्रम में सरकार को कई प्रकार की संस्थाएं सहयोग दे रही हैं. गेट्स फाउंडेशन हो या केयर इंडिया हो और अन्य कई संस्थाने भी हैं. सभी संस्थानों ने परिवार नियोजन के कार्यक्रम को जमीन पर उतारने के लिए काम कर रही हैं. हमारा लक्ष्य है कि देश की आबादी बढ़े नहीं और बढ़ती आबादी को कैसे हम रोक सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published.