हवाई जहाज में भी अब मिलेगा 5G का मजा, चला सकेंगे वाट्सऐप और यूट्यूब

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हम अपने स्मार्टफोन पर हर समय Gmail, WhatsApp, Facebook, Twitter, Instagram या Youtube में से कुछ न कुछ चला ही रहे होते हैं। हर व्यक्ति थोड़ी-थोड़ी देर में अपना फोन चेक कर मेल, मैसेज के साथ सोशल ऐप्स पर लाइक-कमेंट चेक करता रहता है।

लेकिन जब हम हवाई जहाज में यात्रा करते हैं, तो ये सब यात्रा के दौरान बंद हो जाता है, क्योंकि वहां मोबाइल नेटवर्क या तो आता नहीं और अगर आ भी जाए तो प्लेन में इंटरनेट चलाने की अनुमति नहीं मिलती। आजकल तो ज़्यादातर गेम्स भी इंटरनेट पर ही चलते हैं, जिस कारण हवाई जहाज में लोग वो भी नहीं खेल पाते। ऐसे में कई लोग अपनी यात्रा के दौरान काफी बोर हो जाते हैं।

दुनिया भर की हवाई जहाज कंपनियां सभी यात्रियों से प्लेन में अपने फोन को बंद करने या एयरप्लेन मोड पर ऑन रखने का निर्देश देती है। कंपनियां इसके पीछे यात्रियों की सुरक्षा का कारण बताते हुए कहती हैं कि मोबाइल में मिलने वाली फ्रिक्वेन्सी का टकराव प्लेन के सिस्टम से हो सकता है, जिससे प्लेन को उड़ान के समय दिक्कत हो सकती है। इस कारण सभी यात्री प्लेन के दिशा-निर्देश का पालन करते हैं। लेकिन अब ये सब बातें गुजरे जमाने की हो सकती हैं और आने वाले दिनों में आप हवाई जहाज में भी अपने स्मार्टफोन में इंटरनेट चला सकेंगे।

हवाई जहाज में भी मिलेगा 5G का मजा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूरोपियन परिषद ने पिछले दिनों फैसला लिया है कि यूरोप में एयरलाइन कंपनियां अपने यात्रियों को 5G सेवा की सुविधा प्लेन में भी दे सकती हैं। इतना ही नहीं, परिषद ने अपने सभी सदस्य देशों को 5जी सेवा प्रदान करने की अंतिम तिथि 30 जून 2023 निर्धारित की है। बड़ी बात यह भी है कि इस सेवा का लाभ न सिर्फ यूरोप के यात्री ले सकेंगे, बल्कि दुनिया के किसी भी देश का यात्री जब हवाई जहाज के जरिए यूरोप की सीमा में दाखिल होगा तो वो अपने स्मार्टफोन में 5जी सेवा का इस्तेमाल कर सकेगा। यात्री फोन करने के साथ जीमेल, व्हाट्सऐप, फेसबुक के साथ यूट्यूब, नेटफ्लिक्स और सोनी लिव समेत सभी प्रकार की ऐप्स चलाने में सक्षम हो जाएंगे।

5G के आ जाने से हवाई जहाज की सुरक्षा का क्या होगा

जब से मोबाइल और लैपटॉप सभी के लिए आम हो गए हैं तभी से एयरलाइन कंपनियां इनको लेकर सतर्क हो गई थी। विमान कंपनियों को इस बात का डर सताता है कि बहुत से मोबाइल के रेडियो सिग्नल फ्लाइट की तकनीक से जुड़े किसी सिस्टम में कोई समस्या न उत्पन्न कर दें। दरअसल हवाई जहाज का विमान संचार, फ्लाइट कंट्रोल, नैवीगेशन डिवाइस और ग्राउंड नेटवर्क जैसा पूरा एक तकनीक से जुड़ा सिस्टम होता है जिसके जरिये जहाज उड़ान भरने के साथ उतरने का भी काम करता है।

लेकिन ये भी एक सच है कि मोबाइल के आने के बाद अभी तक पूरी दुनिया में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें मोबाइल के कारण हवाई जहाज में कोई खतरा पैदा हुआ हो। ऐसा इसलिए, क्योंकि मोबाइल फोन में सिग्नल के लिए जो बैंडविथ होता है, वो हवाई जहाज और उसके GPS सिस्टम के बैंडविथ से अलग होता है। रिपोर्ट के अनुसार एक सर्वे में यह भी पाया गया कि हवाई यात्रा के दौरान 40 प्रतिशत यात्रियों ने कभी एयरप्लेन मोड ऑन ही नहीं किया। हालांकि ये भी एक सच है कि विमान कंपनियां ज़्यादातर यात्रियों को अपने फोन बंद यानी स्विच ऑफ करने का निर्देश देती है। इसके अलावा फोन में सिग्नल आने भी बंद हो जाते हैं।

WI-FI पहले से मिलता है विमान में

यहां ये भी बता दें कि हवाई जहाज में वाईफाई की सुविधा 2008 से ही मिलनी शुरू हो गई थी। ये सुविधा ज़्यादातर अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में ही मिलती है। हालांकि इस सुविधा के लिए विमान कंपनियां यात्रियों से काफी ज्यादा पैसे वसूलती हैं और इसकी स्पीड भी काफी कम होती है।

अब विमान में कैसे मिलेगा 5G इंटरनेट

रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपियन एयरलाइन कंपनियां प्लेन में हाइ स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता के लिए जिस उपकरण का इस्तेमाल करेंगी, उससे सैटेलाइट के माध्यम से धरती पर मौजूद मोबाइल नेटवर्क को जोड़ा जाएगा। इससे 100 MBPS से ऊपर की 5जी स्पीड मिलेगी।

यूरोप के बाद पूरी दुनिया में शुरू हो सकती है ये सुविधा

अगर यूरोप में यह सुविधा शुरू होकर सफल हो गई तो उसके बाद दुनिया भर के देश अपने विमान में यह सुविधा देना शुरू कर सकते हैं।

 

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