12 नवंबर को गुरू नानक देवजी की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे देश भर में तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। पूरे देश में गुरूनानक देव की 550वीं जयंती धूम धाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में अमृतसर के मशहूर स्वर्ण मंदिर के भव्य तरीके से सजाया गया है। खबरों के अनुसार स्वर्ण मंदिर को 85 तरह के फूलों से सजाया गया है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद कल पंजाब के सुल्तानपुर लोधी में गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती समारोह में भाग लेंगे।

गौरतलब है कि नवंबर में श्री गुरूनानक देव की 550वीं वर्षगांठ इस बार धूमधाम से मनाया जाएगा। सिख संप्रदाय में इस पर्व को मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। इस बार श्री गुरूनानक देव की 550वें प्रकाश पर्व को देखते हुए पूरे उत्साह के साथ समाज, संगत के लोग भव्य तैयारियां चल रही है

आपको बता दें कि गृह मंत्रालय ने गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती को ‘वैश्विक भाईचारा वर्ष’ के तौर पर मना रहा है। सरकार ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद भारतीय मिशनों के जरिए दुनियाभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना मनाई जा रही है।

गुरु नानक देव जी का अवतरण संवत्‌ 1526 में कार्तिक पूर्णिमा को माता तृप्ता देवी जी और पिता कालू खत्री जी के घर श्री ननकाना साहिब में हुआ। उनकी महानता के दर्शन बचपन से ही दिखने लगे थे। नानक जी ने लोगों को सदा ही नेक राह पर चलने की सलाह दी थी। वे कहते थे कि कि साधु-संगत और गुरबाणी का आसरा लेना ही जिंदगी का ठीक रास्ता है। उनका कहना था कि ईश्वर मनुष्य के हृदय में बसता है, अगर हृदय में निर्दयता, नफरत, निंदा, क्रोध आदि विकार हैं तो ऐसे मैले हृदय में परमात्मा बैठने के लिए तैयार नहीं हो सकता है।

Sources:-Live News

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