आज है गुरु पूर्णिमा, ख़ास तरीके मनाएं ये शुभ दिन

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हमारे शास्त्रों में गुरु को हर देवता से ऊपर बताया गया है, क्योंकि गुरु का हाथ पकड़कर ही शिष्य जीवन में ज्ञान के सागर को प्राप्त करता है. आज 24 जुलाई 2021 को गुरु पूर्णिमा मनाई जा रही है. इस मौके पर लोग गंगा स्नान व दान करते हैं. गुरु पूर्णिमा गुरु को समर्पित मानी जाती है. आज लोग अपने गुरु की पूजा-अर्चना और वंदना करेंगे. प्राचीन काल में जब गुरुकुल परंपरा का चलन था, तब सभी छात्र इसी दिन श्रद्धा व भक्ति के साथ अपने गुरु की सच्चे दिल से पूजा-अर्चना कर, उनका धन्यवाद करते थे और शिष्यों की यही श्रद्धा असल में उनकी गुरु दक्षिणा होती थी. गुरु पूर्णिमा ही वो विशेष दिन होता है जब भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लोग श्रद्धाभाव से अपने गुरुओं का सम्मान करते हुए, उनका आशीर्वाद लेते हैं. स्वयं शास्त्रों में भी गुरु का स्थान ईश्वर के समान बताया गया है, क्योंकि वो गुरु ही होता है जो व्यक्ति के ज्ञान में वृद्धि करता है.

आज ख़ास योग भी बन रहा है. आज गुरु पूर्णिमा पर विष्कुंभ योग सुबह 06 बजकर 12 मिनट तक, प्रीति योग 25 जुलाई की सुबह 03 बजकर 16 मिनट तक और इसके बाद आयुष्मान योग लगेगा. ज्योतिष शास्त्र में प्रीति और आयुष्मान योग का एक साथ बनना शुभ माना जाता है. प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है. विष्कुंभ योग को वैदिक ज्योतिष में शुभ योगों में नहीं गिना जाता है.

  • पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई 2021, शुक्रवार की सुबह 10 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 24 जुलाई 2021, शनिवार की सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक रहेगी.
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर पान के पत्ते, पानी वाले नारियल, मोदक, कपूर, लौंग, इलायची के साथ पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.
  • कहते हैं कि गंगा स्नान से अस्थमा और त्वचा रोग में लाभ मिलता है.
  • गुरु पूर्णिमा के दिन वैदिक मंत्र जाप और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से गुरु की खास कृपा मिलती है.
  • मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा की रात खीर बनाकर दान करने से मानसिक शांति मिलती है. साथ ही चंद्र ग्रह का प्रभाव भी दूर होता है.
  • याज्ञवल्य ऋषि के वरदान से वृक्षराज (बरगद) को जीवनदान मिला था. इसलिए गुरु पूर्णिमा पर बरगद के पेड़ की भी पूजा की जाती है.

गुरु को पारस चाहिए,करे लौह को स्वर्ण।शिष्य और गुरु जगत में,केवल दो ही वर्ण।।

गुरु पूर्णिमा की पूजा के लिए सही मुहूर्त का होना अनिवार्य तो होता ही है, साथ ही इस पर्व पर सही पूजा-विधि को अपनाकर भी आप इस वर्ष घर बैठे ही अपने गुरु व इष्ट देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु देव को प्रसन्न करने के लिए अपनी राशि अनुसार कुछ विशेष उपाय करने चाहिए.

  • मेष राशि: आपके लिए लाल सिंदूर और लाल रंग के कपड़ों का गरीबों व घर के नौकरों को दान देना लाभकारी रहेगा.
  • वृषभ राशि: इस तिथि के समापन तक घर के मंदिर के घी का एक दीपक जलाएं.
  • मिथुन राशि: इस पर्व पर आपके लिए विशेष रूप से गौ माता को हरा चारा खिलाना बेहद शुभ रहेगा.
  • कर्क राशि: घर की महिलाओं, विशषरूप से अपनी मां की सेवा करें और उन्हें साड़ी या शॉल भेट करें.
  • सिंह राशि: आपके लिए घर के बड़ों का आशीर्वाद लेना व उन्हें कोई उपहार भेट करने, आपको शुभ फल देने का कार्य करेगा.
  • कन्या राशि: आपको इस दिन किसी भी मंदिर में जाकर पुजारी या पुरोहित को दक्षिणा देते हुए, उनका आशीर्वाद लेने की सलाह दी जाती है.

  • तुला राशि: तुला राशि वाले जातकों को इस दिन, अपनी श्रद्धा अनुसार गरीबों व ज़रूरतमंदों में दान करना चाहिए.
  • वृश्चिक राशि: आपके लिए इस विशेष दिन ज़रूरतमंद व गरीब छात्रों को शिक्षा की सामग्री भेट करना, सबसे अधिक अनुकूल रहने वाला है.
  • धनु राशि: गुरु पूर्णिमा के दिन घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें और 5 प्रकार के फलों पर उनका हाथ लगवाकर गरीबों में दान करें.
  • मकर राशि: पूर्णिमा का दान करें और घर के बड़ों के पैर दबाते हुए, उनसे ज्ञान लें.
  • कुंभ राशि: किसी वृद्धाश्रम में अपनी श्रद्धा अनुसार दान दें और किसी भी एक छोटे बच्चे को कोई उपहार भेंट करें.
  • मीन राशि: अपने शिक्षकों या पिता तुल्य किसी व्यक्ति को वस्त्र भेट करें और उनसे एक गुरु मंत्र अवश्य लें. क्योंकि ऐसा करना आपको गुरु पूर्णिमा का उत्तम फल देने का कार्य करेगा.

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