गुजरात हिंसा: निशाने पर यूपी-बिहार के लोग, घर लौट रहे गया के एक युवक की रॉड से पीट-पीटकर हत्या

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पटना: हिंसा के डर से तेजी से गुजरात छोड़कर भाग रहे उत्तर भारतीयों की खबरों के बीच सूरत में गया (बिहार) के रहने वाले एक युवक की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात को अमरजीत नाम का युवक पंडेश्वरा इलाके स्थित एक मिल से काम कर घर लौट रहा था। तभी कुछ लोगों ने उस पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक गया के कौड़िया गांव का रहने वाला है। बीते 15 साल से सूरत में रह रहा था। यहां वह मिल में काम करने के साथ-साथ एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर भी था। घटना की सूचना के बाद से परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है बेटे की मौत गुजरात हिंसा के चलते हुई है।

– मृतक के पिता राजदेव सिंह एक रिटायर्ड सैनिक हैं। उन्होंने बताया, बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उसकी मदद से ही परिवार अपना जीवन निर्वाह कर रहा था।

– हमसे हमारा सहारा भी छिन गया। वो काफी मेहनती था। पिता ने बिहार सरकार के साथ गुजरात और केंद्र सरकार से हिंसा रोकने की दिशा में जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

– पिता ने कहा, हमारा बेटा नहीं रहा। किसी और परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े। इसलिए सरकार इस दिशा में तुरंत कोई कदम उठाए।

क्या है मामला ?
– 28 सिंतबर को गुजरात के साबरकांठा में 14 महीने की एक बच्ची से रेप की कथित वारदात हुई। मामले में बिहार के रहने वाले रविंद्र साहू नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया।

– इसके बाद से ही गैर-गुजरातियों खासकर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के लोगों को टारगेट करना शुरू कर दिया गया। अब तक 50 हजार उत्तर भारतीयों के पलायन की खबर है।

लोग बोले- जान सबको प्यारी है, वो नाम पूछकर पीटते हैं…
– अहमदाबाद से छपरा जा रहे सुरेंद्र कुमार ने कहा- करे कौन और भरे कौन, लड़की के साथ जिसने भी यह कुकृत्य किया है, उसे फांसी देना चाहिए, लेकिन सभी को गलत निगाह से क्यों देखा जा रहा है। वहां नाम पूछकर मारपीट कर रहे हैं। दरिंदों की कोई धर्म-जात नहीं होती। हम तो दस-बारह दिन की छुट्टी पर अपने घर जा रहे हैं। किसी का कोई भरोसा नहीं कब कौन हमला कर दे। घर वालों को भी चिंता हो रही थी। सोचा इस बहाने घर होकर आ जाए।

– जनरल बोगी में खिड़की पास बैठे विजय के चेहरे पर डर था। उसने कहा बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आने के बाद गैर गुजरातियों पर हमले हो रहे हैं। यूपी-बिहार के लोगों पर हमले हो रहे हैं। मीडिया में खबरें सामने आने के बाद घर वालों को चिंता हुई। जान सबको प्यारी है। उत्तर भारत के ज्यादातर लोग गुजरात की श्रम फैक्टरी में काम करते हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण फैक्ट्री बंद हो गई है।

ठाकोर समुदाय से है पीड़ित
– पीड़ित ठाकोर समुदाय से है। बताया जा रहा है कि ठाकोर समुदाय और ठाकरो क्षत्रिय सेना के लोग कथित तौर पर हमले में शामिल हैं। संगठन ने गैर-गुजरातियों को काम न देने की भी अपील की है।

– हालांकि, समुदाय पर हिंसा करने का आरोप लगने के बाद कांग्रेस नेता अल्पेश ठाकोर ने इसे बेबुनियाद बताते हुए कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने कभी हिंसा की वकालत नहीं की। गैर-गुजराती भी हमारे भाई हैं।

Source: Dainik Bhaskar

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