GST और ई-वे बिल की आड़ में बॉर्डर पार से बिहार में आ रही शराब, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

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बिहार में जीएसटी और ई-वे बिल के ब्योरे से चोरी-छिपे अन्य राज्यों से शराब की खेप भेजी जा रही है। इसका खुलासा हो जाने के बाद शराब की खेप और धंधेबाजों को ट्रैक करने के लिए जिलास्तर पर आठ सदस्यीय अधिकारियों की टीम गठन की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर यह काम किया जा रहा है।

उत्पाद अधीक्षक, डीटीओ और एमवीआई भी टीम में शामिल

टीम में वाणिज्यकर विभाग के दो सहायक आयुक्त, एएलटीएफ के दो सब इंस्पेक्टर के अलावा उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार राय, उत्पाद निरीक्षक कुमार अभिनव, डीटीओ सुशील कुमार और एमवीआई रंजीत कुमार शामिल हैं। अधिकारियों की टीम वाणिज्यकर विभाग के जीएसटी और ई-वे बिल के ऑनलाइन ब्योरे को हर दिन खंगालेगी। इससे शराब व अन्य सामानों की आवाजाही की जानकारी जुटाई जाएगी।

चलने से पहूंचने के स्थान तक की मिलेगी जानकारी

अलग-अलग प्रदेशों से शराब की खेप ई-वे बिल व जीएसटी से कहां भेजी जा रही है, इसका ब्योरा मिलेगा। शराब लोड वाहन के संबंध में भी जानकारी मिल जाएगी। वाहन नंबर के आधार पर मालिक का ब्योरा परिवहन विभाग के ऑनलाइन साइट से लिया जाएगा। इसके बाद शराब लोड वाहनों को बॉर्डर पर ही रोकने की व्यवस्था की जाएगी। यदि बॉर्डर पर भी शराब की खेप नहीं पकड़ में आयी तो संबंधित वाहन की सूचना राज्य के सभी जिलों की टीम को भेजी जाएगी। इस तरह जीएसटी, ई-वे बिल और परिवहन विभाग के ऑनलाइन डाटा के आधार पर शराब की खेप व धंधेबाजों को ट्रैक करने की कार्य योजना है।

ऐसे हुआ खुलासा

दरअसल, मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाना के माधोपुर में पुलिस ने 16 जुलाई 2020 को एक ट्रक शराब जब्त की थी। ट्रक उत्तराखंड परिवहन विभाग से निबंधित थी। पुलिस ने ट्रक से शराब उतार रहे मजदूर उमेश सहनी को गिरफ्तार किया था। उसके अलावा पांच स्थानीय शराब धंधेबाज, ट्रक मालिक और चालक को आरोपित बनाया था। पुलिस ने अबतक महज मजदूर उमेश के अलावा स्थानीय स्तर के छोटे धंधेबाज भूषण राय के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। ट्रक मालिक, चालक, शराब भेजने वाले माफिया और स्थानीय धंधेबाजों पर दो साल के अंदर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जेल में बंद मजदूर उमेश सहनी की जमानत पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि छह माह के अंदर ट्रायल पूरा किया जाए, लेकिन समय से कोर्ट में गवाही नहीं कराई गई। अवधि पूरी होने के बाद उमेश सहनी ने फिर से हाईकोर्ट में अर्जी डालकर जमानत की मांग की। इसपर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बॉर्डर पार कर लायी जा रही शराब की खेप को ट्रैक करने की कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया था।

 

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