ग्रामीणों ने पूछा- आपने यहां क्‍यों छोड़ा मगरमच्छ, यह तो 400 लोगों को निगल जाएगा, अधिकारियों को बना लिया बंधक

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मुंगेर के जमालपुर प्रखंड के फेरदा गांव में रविवार की शाम मगरमच्छ को छोडऩे आए वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। वन विभाग की टीम लखीसराय से विशालकाय मगरमच्छ को गंगा में छोडऩे पहुंची थी। गंगा में मगरमच्छ को छोड़कर जाते हुए ग्रामीणों ने देख लिया। टीम चुपके से निकलने के फिराक में थी।

बंधक की सूचना पर सफियासराय ओपी प्रभारी गौरव कुमार पहुंचे और ग्रामीणों के चंगुल से टीम को मुक्त कराया। ग्रामीणों को जनप्रतिनिधियों ने शांत कराया। मुखिया टुनटुन चौधरी ने बताया कि वन विभाग की टीम लखीसराय से एक विशालकाय मगरमच्छ को पकड़कर मुंगेर ला रहे थे, इस क्रम में फेरदा गंगा घाट को सुनसान देखकर मगरमच्छ को गंगा में छोड़ दिया। इसके बाद टीम जाने लगी।

अभिनंदन कुमार सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि इस घाट पर हर दिन चार सौ से ज्यादा लोग स्नान करने पहुंचते हैं। यहां पर मगरमच्छ को छोडऩा खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीण बोल ही रहे थे कि मगरमच्छ गंगा से निकलकर बाहर आ गया, फिर से अफरा तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। ग्रामीणों टीम को रोकने की कोशिश कर रहे थे, ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मगरमच्छ गंगा से बाहर नहीं निकाला जाता तब तक वन विभाग की टीम को जाने नहीं देंगे।

ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग की टीम काफी देर तक गंगा नदी में मगरमच्छ को निकालने का प्रयास किया। लेकिन, पता नहीं चल सका। आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराते हुए सफियासराय पुलिस ने आश्वासन दिया। मगरमच्छ से ग्रामीणों को सुरक्षित करने की सकारात्मक पहल करने के लिए वन विभाग की टीम को कहा। लोगों ने कहा कि मगरमच्‍छ को ऐसे जगह नहीं छोड़ना चाहिए जहां काफी संख्‍या में लोग स्‍नान करने जाते हैं। ऐसा करना सुरक्षा के साथ खि‍लबाड़ है।

 

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