गोपालगंज में क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत हुई, अब सुरक्षित

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गंडक नदी का गोपालगंज में क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कर ली गयी है। सिधवलिया प्रखंड में शीतलपुर गांव के निकट सल्लेहपुर-टंडसपुर लघु बांध सोमवार को क्षतिग्रस्त हो गया था। गंडक नदी में अप्रत्याशित पानी आने के बाद इसका दांया छरकी 4 किलोमीटर पर क्षतिग्रस्त हुआ था। हालांकि युद्धस्तर पर इसकी मरम्मत कर सुरक्षित कर लिया गया है। केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी कार्यपालक अभियंता अभिषेक कुमार ने कहा कि अब छरकी सुरक्षित है। उनके अनुसार विभाग के अन्य तटबंध भी सुरक्षित हैं।

उधर, गंडक नदी में पानी घटकर एक लाख क्यूसेक पर पहुंच गया है। हालांकि जल संसाधन विभाग ने अभी भी गंडक नदी को लेकर एलर्ट जारी रखा है। गंडक में 7 अक्टूबर को अचानक 4.45 लाख क्यूसेक पानी आ जाने के बाद उत्तर बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया था। इस साल गंडक में पिछले साल की तुलना में 33 हजार क्यूसेक पानी अधिक आया। गत वर्ष गंडक में 16 जून को 4.12 लाख क्यूसेक पानी आ गया था।

बांध को बचाने के लिए रविवार को रात भर बचाव कार्य चलाया गया। लेकिन सुबह में अचानक तेज रिसाव के साथ बांध टूट गया। बांध के ध्वस्त होने से आसपास के गांवों में अफरा-तफरी की स्थिति है। शीतलपुर, बंजरिया सहित कई गांवों के लोग अपना बोरिया-बिस्तर समेटने लगे हैं। 50 से अधिक परिवार गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण ले रहे हैं। डीएम के निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम बंजरिया पहुंच गई है।

 

डीडीसी ने लगाई अधिकारियों को फटकार

बांध टूटने की सूचना पर पहुंचे डीडीसी अभिषेक कुमार ने बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि बांध टूटने के मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषी कर्मियों एवं अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को बचाव कार्य को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए।

शीतलपुर गांव में पसरा रहा बाढ़ का पानी 

जिले के सिधवलिया प्रखंड के शीतलपुर गांव में बाढ़ का पानी तेजी से पसर रहा है। दोपहर तक कई परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। हालांकि पानी का प्रवाह कम है। बाढ़ प्रभावित गांवों में अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता एवं सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

डीएम ने दौरा कर स्थिति का लिया जायजा

सिधवलिया प्रखंड के बंजरिया- शीतलपुर गांव के समीप रिसाव के बाद टूटे तटबंध की जांच करने डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी भी पहुंचे। उन्होंने तटबंध टूटने की जानकारी ग्रामीणों से ली। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बाढ़ नियंत्रण विभाग पर बचाव कार्य में कोताही बरतने की बात कही। जिस पर डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि शीघ्र बांध का निर्माण कार्य पूरा होगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। डीएम के निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख भी मौजूद थे।

बाढ़ प्रभावित गांवों में सर्पदंश की हो रहीं घटनाएं

प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाके में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ती जा रही है। बाढ़ के पानी में बहकर आए पहाड़ी सांपों के भय से ग्रामीणों में दहशत है। पिछले 48 घंटों के दौरान सरकारी अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित दस लोगों को भर्ती कराया जा चुका है। हालांकि इलाज के बाद सभी पीड़ितों को ठीक कर घर वापस भेजा गया है। बाढ़ पीड़ितों ने प्रत्येक पंचायत में मेडिकल टीम की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। ताकि समय पर उनका समुचित इलाज हो सके।

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